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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी कामकाज को लेकर लोगों की सोच धीरे-धीरे बदल रही है। जो काम कभी कई दिनों, हफ्तों और “चाय-पानी” के बिना पूरे नहीं होते थे, वही अब तकनीक और प्रशासनिक सुधारों की बदौलत कुछ घंटों में पूरे होने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों को भी हैरान कर दिया है।
दरअसल, एक व्यक्ति ने जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए ऑनलाइन टोकन बुक किया। आवेदन के बाद उनके मोबाइल नंबर पर रजिस्ट्री ऑफिस की ओर से बाकायदा टोकन नंबर, समय और जरूरी जानकारी भेज दी गई। निर्धारित समय पर वे नए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंचे, जहां आधुनिक सुविधाओं और एयर कंडीशन व्यवस्था के बीच बेहद व्यवस्थित तरीके से उनका काम पूरा हुआ।
महिला के नाम पर रजिस्ट्री होने के कारण उन्हें शासन की ओर से 50 प्रतिशत शुल्क छूट का लाभ भी मिला। आमतौर पर सरकारी दफ्तरों में लंबी लाइन और घंटों इंतजार की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले नागरिक के लिए यह अनुभव अपने आप में सुखद था।
रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होने के बाद वे सुबह करीब 11:30 बजे घर लौट आए। कुछ देर बाद उनके व्हाट्सएप नंबर पर संदेश आया कि रजिस्ट्री सफलतापूर्वक दर्ज हो चुकी है। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे उन्हें उसी नंबर पर रजिस्ट्री की स्कैन कॉपी भी प्राप्त हो गई।
आम तौर पर रजिस्ट्री की कॉपी प्राप्त करने में कई दिन लग जाते थे और इसके लिए लोगों को बिचौलियों का सहारा लेना पड़ता था। लेकिन इस बार पूरा काम डिजिटल तरीके से बेहद तेजी से हो गया।
सबसे ज्यादा हैरानी तब हुई जब कुछ घंटों बाद ऑनलाइन रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला कि जमीन का नामांतरण भी पूरा हो चुका है। B-1 और अन्य राजस्व रिकॉर्ड में नया नाम दर्ज हो गया था।
जिन लोगों ने कभी जमीन या मकान की रजिस्ट्री करवाई है, वे जानते हैं कि नामांतरण की प्रक्रिया पहले कितनी जटिल और समय लेने वाली मानी जाती थी। कई बार इसके लिए महीनों तक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। लेकिन अब डिजिटल सिस्टम और प्रशासनिक सुधारों की वजह से यह प्रक्रिया काफी आसान और पारदर्शी होती दिखाई दे रही है।
इस पूरे अनुभव को लोग राज्य सरकार की सुशासन आधारित कार्यप्रणाली और तकनीकी सुधारों से जोड़कर देख रहे हैं। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में प्रशासनिक सेवाओं को डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
वहीं मंत्री O. P. Choudhary की कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव को भी लोग इस बदलाव का बड़ा कारण मान रहे हैं। पूर्व IAS अधिकारी रहे ओपी चौधरी लंबे समय से सिस्टम में तकनीक आधारित सुधारों और पारदर्शिता की वकालत करते रहे हैं।
सरकारी सेवाओं में तेजी और पारदर्शिता का यह मॉडल आम नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है। लोगों का मानना है कि यदि इसी तरह डिजिटल सिस्टम मजबूत होते रहे तो आने वाले समय में जमीन से जुड़े विवाद, देरी और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं में भी बड़ी कमी आ सकती है।
छोटी-छोटी सुविधाएं और समय पर होने वाले काम ही आम आदमी के चेहरे पर सबसे बड़ी खुशी लेकर आते हैं। छत्तीसगढ़ में जमीन रजिस्ट्री और नामांतरण की यह नई व्यवस्था अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।