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रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने पीएम जनमन योजना के अंतर्गत शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करते हुए देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। योजना के तहत विशेष पिछड़ी अनुसूचित जनजातियों के 7,160 घरों तक ग्रिड से बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसे समयबद्ध रूप से पूर्ण कर लिया गया है।
यह योजना भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम जनमन) का हिस्सा है। इसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ की सात विशेष पिछड़ी जनजातियों—अबुझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरबा, कमार, अगरिया और बिरहोर—के घरों का सर्वेक्षण किया गया था। सर्वे के दौरान 7,160 ऐसे आवास चिन्हित किए गए जहां अब तक ग्रिड बिजली नहीं पहुंची थी।

इन घरों तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगभग 37 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकसित की गई। इसके तहत टॉवर, विद्युत लाइन, फीडर और ट्रांसफार्मर की स्थापना कर उन्हें क्रियाशील बनाया गया। इस उपलब्धि के साथ छत्तीसगढ़ विशेष पिछड़ी जनजातियों के घरों तक बिजली पहुंचाने वाला देश का अग्रणी राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार सबसे कमजोर तबकों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह और समस्त विद्युत कर्मियों के प्रयासों की सराहना की।
इसके अलावा प्रदेश के 28 जिलों में अनुसूचित जनजाति बसाहटों और शेष अविद्युतीकृत घरों तक बिजली पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं। केंद्र सरकार की ‘धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान’ योजना के तहत 6,863 बसाहटों में 65,711 घरों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें से 11,720 घरों में अब तक ग्रिड बिजली पहुंचाई जा चुकी है, जबकि शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के प्रयास जारी हैं।
कंपनी प्रबंधन ने अधोसंरचना विकास से लेकर घर-घर बिजली पहुंचाने तक सभी कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए बिजली अमले से पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपील की है।