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रायपुर: राज्य में आगामी नगरीय निकाय चुनावों को देखते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। पार्टी ने इस विसंगति को चुनावी मुद्दा बनाते हुए सरकार के खिलाफ घेराबंदी तेज कर दी है। इसके तहत व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया गया है, जिसमें कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर के विरोध में उपभोक्ताओं से संपर्क कर रहे हैं और विरोध पत्र भरवा रहे हैं। विभिन्न जिलों में इसके विरोध में प्रदर्शन भी लगातार किए जा रहे हैं।
उपकरण बंद होने के बावजूद दौड़ रहे स्मार्ट मीटर: डॉ. महंत
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली को लेकर राज्य सरकार और बिजली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर इसके संबंध में दस्तावेज भी सौंपे हैं। डॉ. महंत का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल सामान्य से दो से चार गुना तक बढ़ गए हैं। प्रदेशभर से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि घरों के सभी विद्युत उपकरण बंद होने के बावजूद मीटर की रीडिंग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसके वीडियो और अन्य साक्ष्य भी उपभोक्ताओं द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।
अक्टूबर में बिजली कार्यालय और सीएम हाउस घेराव की चेतावनी
कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से बिजली बिल और स्मार्ट मीटर की समस्या को शहरी क्षेत्रों में मुख्य चर्चा का विषय बनाने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी की रणनीति के तहत, अक्टूबर महीने में प्रदेशभर के बिजली कार्यालयों का घेराव किया जाएगा और इसके बाद मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने की भी घोषणा की गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस इसे लेकर सड़क पर उतर रही है, वहीं सत्ताधारी दल बीजेपी के सांसद और विधायक भी शहरी क्षेत्रों में लगातार बैठकें कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दिसंबर में होने हैं 15 नगरीय निकायों के चुनाव
प्रदेश में आगामी दिसंबर माह के दौरान 15 नगरीय निकायों में चुनाव प्रस्तावित हैं। इनमें नगर निगम बिरगांव, भिलाई, भिलाई-चरौदा और रिसाली के साथ-साथ नगरपालिका परिषद जामुल, सारंगढ़, बैकुंठपुर, शिवपुर-चर्चा, खैरागढ़ तथा नगर पंचायत प्रेमनगर, मारो, कोंटा, नरहरपुर, भैरमगढ़ और भोपालपटनम शामिल हैं। इसके अलावा नवगठित नगर पंचायत तमनार और बड़ी करेली में भी निर्वाचन होना है। गौरतलब है कि दुर्ग जिले के भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरौदा और बिरगांव नगर निगमों में फिलहाल कांग्रेस का कब्जा है, जहां 2021 के चुनावों के दौरान राज्य में कांग्रेस की सरकार थी।