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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी पर सोशल मीडिया पर की गई अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर बेहद तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आजमगढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दोटूक कहा कि किसी भी बेटी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं की जाएगी।
महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में शनिवार को ₹955 करोड़ से अधिक की लागत वाली 39 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद सीएम योगी जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा:
“पिछले दिनों कुछ लोगों ने अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ गलत टिप्पणी की थी। यह मामला जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, मैंने तत्काल पुलिस को FIR दर्ज करने का कड़ा आदेश दिया। हम उन संस्कारों में पले-बढ़े हैं, जहां गांव की बेटी-बहन को पूरे गांव की बेटी-बहन माना जाता है। हर बेटी का सम्मान होना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर सीधा कटाक्ष करते हुए कहा कि वह दूसरों को उपदेश देना बंद करें और पहले अपने चेलों-चपाटों को भाषा संयमित रखने की सीख दें। सीएम योगी ने कहा कि सपा के लोग जिस तरह बहन-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के बारे में अमर्यादित टिप्पणियां करते हैं, उससे स्पष्ट है कि उन्हें संस्कारित करने की सख्त आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “अच्छा होगा कि वह उन्हें स्वयं समझाएं और यदि नहीं समझा सकते तो हमारे हवाले कर दें, हम समझा देंगे।”
इस मामले में कानपुर पुलिस ने भी अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। सपा अध्यक्ष की बेटी पर अभद्र टिप्पणी करने और गलत फोटो प्रसारित करने के मामले में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के आधार पर पुलिस ने फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा (Meta) से संपर्क किया है।
पुलिस ने मेटा से उन फेसबुक अकाउंट्स का पूरा विवरण मांगा है जिनसे यह भ्रामक और अभद्र सामग्री पोस्ट की गई थी। मामले में घिरने के बाद तीन मुख्य आरोपियों में से एक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी इस घिनौनी हरकत के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है।
सपा नेता प्रवीण यादव ने पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मुलाकात कर विनोद कुमार यादव, भरत कुमार पटेल और नागेश्वर सिंह के नाम से बने फेसबुक अकाउंट्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इन अकाउंट्स के जरिए तथ्यहीन बातें लिखकर सपा अध्यक्ष और उनके परिवार की छवि बिगाड़ने की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी की चर्चाओं पर पुलिस अभी आधिकारिक तौर पर इनकार कर रही है।