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नई दिल्ली: कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले अपने विधायकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने साफ संकेत दिए हैं कि अनुशासन तोड़ने वालों पर निलंबन से लेकर सदस्यता समाप्त कराने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल, सोमवार को बिहार, ओडिशा और हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग सामने आई। हरियाणा में पांच और ओडिशा में तीन विधायकों ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ मतदान किया, जबकि बिहार में तीन विधायक वोटिंग से अनुपस्थित रहे। इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवारों को फायदा मिला।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की ओर से “ऑपरेशन लोटस” जैसी रणनीतियां अपनाई जा रही थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि पार्टी पदाधिकारियों की लापरवाही से स्थिति और बिगड़ी। इस तरह की घटनाओं से जनता में गलत संदेश जाता है और कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित होता है।
ओडिशा में कांग्रेस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दशरथी गोमांगो, रमेश जेना और सोफिया फिरदौस को पार्टी से निलंबित कर दिया है। राज्य प्रभारी अंजय कुमार लल्लू ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष से इनकी सदस्यता समाप्त करने की भी मांग की जाएगी।
वहीं हरियाणा में भी पार्टी ने सख्ती दिखाते हुए क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों की पहचान कर ली है। राज्य प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने बताया कि वे और भूपेंद्र सिंह हुड्डा चुनाव के दौरान ऑब्जर्वर थे, इसलिए दोषी विधायकों की पहचान स्पष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा कि संबंधित विधायकों को एक-दो दिन के भीतर शो कॉज नोटिस जारी किए जाएंगे।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई से पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश जाएगा और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।