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congress leader suraj singh thakur arrested raipur
रायपुर: धरसींवा थाना क्षेत्र की सिलयारी चौकी में दर्ज एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। इस गंभीर प्रकरण को दबाने और आरोपी पक्ष से समझौते के नाम पर मोटी रकम वसूलने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस नेता सूरज सिंह ठाकुर और कथित पत्रकार उस्मान सैफी को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में अब तक मुख्य आरोपियों सहित कुल सात लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि नाबालिग से दुष्कर्म के इस संवेदनशील मामले को रफा-दफा करने और समझौता कराने के नाम पर कुल 1 लाख 30 हजार रुपये की वसूली की गई थी। आरोप है कि इस अवैध रकम के लेन-देन में दोनों (कांग्रेस नेता और कथित पत्रकार) की मुख्य भूमिका थी। उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से यह राशि प्राप्त की थी। धरसींवा थाना पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और फिर गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस इस मामले में पीड़िता के दादा और दो कथित बिचौलियों को भी गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता सूरज ठाकुर ने पीड़िता के दादा के साथ मिलकर पुलिस की कार्रवाई पर ही सवाल उठाए थे। इसी घटनाक्रम के दौरान तत्कालीन सिलयारी चौकी प्रभारी जितेंद्र दुबे पर भी गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद मामले की विवेचना में लापरवाही पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

इस पूरे मामले की शुरुआत 18 अप्रैल को दर्ज दुष्कर्म के प्रकरण से हुई थी। प्रारंभिक जांच में जब नाबालिग बालिका ने अपने साथ अपराध होने से इनकार किया, तो पुलिस इस केस को बंद करने की तैयारी कर रही थी। इसी बीच इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर एक वीडियो और कुछ अन्य ऑडियो-साक्ष्य सामने आए, जिसने पूरी जांच की दिशा ही बदल दी। नए साक्ष्यों के आधार पर जब पुलिस ने नए सिरे से विवेचना शुरू की, तो सबसे पहले दुष्कर्म के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद जब जांच आगे बढ़ी, तो कथित तौर पर मामले को दबाने के लिए किए गए रुपयों के लेन-देन और ब्लैकमेलिंग का यह पूरा खेल उजागर हो गया।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इंटरनेट मीडिया और समाचार माध्यमों में प्रकाशित खबरों के आधार पर इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी, रायपुर को पीड़िता का बयान दर्ज कर एक विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता को उसके अभिभावकों सहित 15 जून को आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
पुलिस अब इस मामले के वित्तीय लेन-देन और इसमें शामिल बिचौलियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य संबंधित व्यक्तियों की संलिप्तता पर भी आगे की कार्रवाई की जाएगी। सिलयारी का यह दुष्कर्म प्रकरण अब केवल यौन अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि साक्ष्यों को प्रभावित करने, केस दबाने और कथित वसूली के आरोपों के कारण बेहद संवेदनशील हो चुका है।