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creda contract recruitment stayed by chhattisgarh high court
रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई की संविदा भर्ती के लिए जारी किए गए नए विज्ञापन पर हाई कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जस्टिस बी.डी. गुरु की सिंगल बेंच ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ऊर्जा विभाग के सचिव और क्रेडा के उच्च अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा विवाद?
याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए की गई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ था। नियमों के अनुसार उनकी सेवा अवधि बढ़ाई जानी चाहिए थी। लेकिन क्रेडा प्रबंधन ने ऐसा न करते हुए उन पुराने कर्मचारियों के स्थानों को भरने के लिए एक नया विज्ञापन जारी कर दिया।
क्रेडा के इस फैसले के विरोध में रायपुर के कमलेश कुमार साहू व अन्य, राजनांदगांव के योगेश कुमार साहू व अन्य, बेमेतरा के लीलाधर साहू व अन्य, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के नरेंद्र कुमार साहू व अन्य और जशपुर के गणेश कुमार साहू व अन्य ने अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के जरिए हाई कोर्ट में याचिका लगाई।
सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट मतीन सिद्दीकी ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए कोर्ट में जोरदार तर्क दिया। उन्होंने कहा कि- “किसी भी संविदा या अस्थाई कर्मचारी को हटाकर, उसकी जगह पर दूसरे अस्थाई कर्मचारी को रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता। नियमों के मुताबिक, किसी संविदा कर्मचारी को केवल तभी हटाया जा सकता है जब उस पद पर किसी नियमित (Regular) कर्मचारी की नियुक्ति की जा रही हो।”
इस मजबूत तर्क को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने क्रेडा के नए विज्ञापन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है और संबंधित विभाग से जवाब तलब किया है।