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नई दिल्ली: देश की राजधानी में एक बेहद बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI), अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम और शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े आठ खतरनाक आतंकियों को गिरफ्तार किया है। यह मॉड्यूल दिल्ली और मुंबई में देश के बेहद संवेदनशील सैन्य ठिकानों, पावर प्लांट, एयरपोर्ट, न्यूक्लियर प्लांट, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले बाजारों को दहलाने की फिराक में था।
गिरफ्तार किए गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में अत्याधुनिक और घातक हथियार बरामद किए गए हैं। पुलिस टीम ने इनके पास से पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में निर्मित 4 हैंड ग्रेनेड, 2 ग्लॉक पिस्टल, 24 कारतूस, चोरी की एक बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। इसके अलावा, इनके पास से कई मोबाइल फोन भी जब्त हुए हैं, जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई संदिग्ध चैट और देश विरोधी गतिविधियों के सबूत मौजूद हैं। पुलिस ने यूएपीए (UAPA) और बीएनएस की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर इस मॉड्यूल के अन्य नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी है।
स्पेशल सेल के उपायुक्त प्रवीण कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, इस मॉड्यूल की जांच के दौरान सबसे पहले मिर्जापुर के विजय उर्फ शूटर को 14 मई को पुणे से गिरफ्तार किया गया था। विजय की निशानदेही पर पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से नेटवर्क को ध्वस्त किया। झारखंड के साहिबगंज से नितीश पासवान को गिरफ्तार किया गया। मुंबई के मुंब्रा से तौकीर रिजवान अहमद शेख और कुर्ला से साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान को दबोचा गया। इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य आतंकियों के पंजाब से दिल्ली आने की गुप्त सूचना पर पुलिस ने महरौली-बदरपुर रोड पर घेराबंदी की। यहाँ से हरविंदर सिंह, गगनदीप सिंह और मनजीत सिंह को दबोच लिया गया।
जांच में यह बेहद सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में बैठकर गैंगस्टर मुन्ना झिंगाड़ा, शाहजाद भट्टी और आईएसआई हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था। मुन्ना झिंगाड़ा फिलहाल कराची में बैठकर इस मॉड्यूल को गाइड कर रहा था। उसने इस मॉड्यूल को संचालित करने के लिए एक नेपाली सहयोगी को भारत भेजा था, जो नेटवर्क के सदस्यों तक धन और अन्य जरूरी संसाधन पहुंचाने का काम कर रहा था।
पकड़े गए तौकीर व साजिद सीधे तौर पर पाक में बैठे अंडरवर्ल्ड ऑपरेटिव और आईएसआई हैंडलर यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में थे। इन्हें दिल्ली और मुंबई में ग्रेनेड हमले और सरेआम फायरिंग (Target Killing) को अंजाम देने का टास्क सौंपा गया था। हरविंदर सिंह को एनसीआर (NCR) में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और युवाओं की भर्ती करने की जिम्मेदारी दी गई थी।