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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 'नौसेना शौर्य वाटिका' के लोकार्पण समारोह के दौरान देश की सुरक्षा और सैन्य ताकत को लेकर बड़ी बातें सामने आई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को इकाना स्टेडियम के नजदीक बनी इस शौर्य वाटिका का उद्घाटन किया। समारोह को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने भारतीय नौसेना के पराक्रम की सराहना की और वैश्विक उथल-पुथल के बीच देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को सर्वोपरि बताया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि, "ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारी नौसेना पूरी ताकत के साथ अरब सागर में तैनात थी और उससे डरकर पाकिस्तानी नौसेना अपने बंदरगाहों में दुबक कर बैठ गई थी।" उन्होंने गर्व से कहा कि हमारी नौसेना ने हमेशा दुश्मनों के मन में भय पैदा करने का काम किया है।
वर्तमान वैश्विक परिदृश्य पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आज विश्व में हर तरफ उथल-पुथल मची है। ऐसे में समुद्री मार्गों की सुरक्षा ही राष्ट्र की सुरक्षा की असली चाबी है। उन्होंने आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए कहा “भारत तभी मजबूत होगा जब वह हथियारों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर नहीं रहेगा। अब भारत तेजी से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने जा रहा है।”
कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती छवि की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि यूपी अब हर क्षेत्र में 'अप' (आगे) हो रहा है। कभी उत्तर प्रदेश की पहचान गुंडाराज से की जाती थी, लेकिन आज यहां की कानून व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत हो चुकी है।
शौर्य वाटिका में जो युद्धपोत प्रदर्शित किया गया है, उसका नाम लखनऊ की गोमती नदी के नाम पर ही रखा गया है। इस युद्धपोत पर लखनऊ की ऐतिहासिक 'छतर मंजिल' के चिह्न अंकित हैं। रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि यहाँ एक पनडुब्बी भी लाई जाएगी, जिसके लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। सेना के जो टैंक अब उपयोग में नहीं हैं, उन्हें कबाड़ में छोड़ने के बजाय स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रदर्शित किया जाएगा ताकि युवा प्रेरित हो सकें।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में देश की सुरक्षा नीति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे, तो दुनिया भी हमसे मैत्री करेगी, क्योंकि कमजोर के आगे कोई नहीं झुकता।
ऋषि परंपरा और सनातन धर्म का संदर्भ देते हुए सीएम योगी ने कहा “हमारी ऋषि परंपरा प्रेरणा देती है कि 'अहिंसा परमो धर्मः, धर्म हिंसा तथैव च'। यानी सामान्य जीवन में अहिंसा ही हमारा सर्वोच्च धर्म होना चाहिए, लेकिन अगर सामने वाला देश हमारी सुरक्षा के लिए खतरा बनता है, तो देश की रक्षा के लिए हिंसा (शस्त्र उठाना) ही हमारा धर्म बन जाता है। हमें दुश्मनों को उनकी ही भाषा में जवाब देना होगा।”