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नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर हुए दर्दनाक इमारत हादसे ने कई परिवारों के सपने उजाड़ दिए। पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 लोग घायल हैं। मृतकों में ज्यादातर दिल्ली में पढ़ाई करने आए छात्र हैं। राहत और बचाव अभियान करीब 27 घंटे तक चला, जिसके बाद मलबे से लोगों को निकालने का काम पूरा किया गया।
मलबे से 12 लोगों को निकाला गया
हादसे के बाद मौके पर पुलिस, दमकल, एनडीआरएफ और अन्य राहत-बचाव दलों ने मोर्चा संभाला। सोमवार दोपहर तक मलबे से कुल 12 लोगों को निकाला जा चुका था। इनमें पांच लोग घायल मिले, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई है।
हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजन अपने बच्चों की तलाश में अस्पतालों और घटनास्थल के चक्कर लगाते रहे।
मृतकों में छत्तीसगढ़ का युवराज भी
हादसे में जान गंवाने वालों में अलग-अलग राज्यों से दिल्ली पढ़ाई करने आए युवा शामिल हैं। मृतकों में छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी 20 वर्षीय युवराज सोनी भी शामिल थे। वह दिल्ली में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र के अभिषेक, औरैया के 17 वर्षीय पवन, मध्य प्रदेश के देवास के 19 वर्षीय अर्पित और कटनी के अक्षत सिंह यादव समेत अन्य लोगों की मौत हुई है। दो अन्य मृतकों में मजदूर भी शामिल हैं।
इमारत मालिक हरिराम गुप्ता समेत तीन गिरफ्तार
हादसे के बाद पुलिस ने इमारत से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने 81 वर्षीय हरिराम गुप्ता, उनकी 75 वर्षीय पत्नी उर्मिला गुप्ता और 52 वर्षीय बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि पीजी वाली संपत्ति उर्मिला गुप्ता के नाम पर थी, जबकि इमारत के संचालन और प्रबंधन में हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश की भूमिका थी। इमारत की दो मंजिलों के बिजली कनेक्शन भी हरिराम गुप्ता के नाम पर बताए गए हैं।
कोर्ट ने हरिराम और उर्मिला गुप्ता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, जबकि महेश गुप्ता को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
इमारत की हालत पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा और निर्माण व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 55 वर्गमीटर में बनी इस इमारत में निर्माण संबंधी कई खामियों की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बेसमेंट में चल रहे मरम्मत या नवीनीकरण के काम का इमारत की संरचना पर असर पड़ा था।
MCD के पांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई
हादसे के बाद प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में MCD के पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दिल्ली सरकार ने मामले में जिम्मेदारी तय करने और लापरवाही की जांच के निर्देश दिए हैं।
पूरे दिल्ली के PG भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की तैयारी
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में चल रहे पीजी और किराये की इमारतों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हादसे के बाद पीजी इमारतों समेत अन्य भवनों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की दिशा में कार्रवाई शुरू की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले की जांच की मांग की है।
यह हादसा सिर्फ एक इमारत के गिरने की घटना नहीं, बल्कि बिना पर्याप्त सुरक्षा के पीजी में रह रहे छात्रों की जिंदगी और भवनों की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।