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रायपुर: छत्तीसगढ़, जिसे अब तक केवल 'धान के कटोरे' के रूप में जाना जाता था, अब अपनी पहचान बदल रहा है। प्रदेश की सुशासन सरकार के 'कृषि विविधीकरण' के प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की है कि धमतरी जिला अब प्रदेश के 'मखाना हब' के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री साय के मुताबिक, धमतरी जिले की 7 ग्राम पंचायतों में लगभग 125 एकड़ भूमि पर मखाने की खेती सफलतापूर्वक शुरू की गई है। यह कदम न केवल खेती के पारंपरिक तरीकों में बदलाव ला रहा है, बल्कि किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रेरित कर रहा है।
सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। मखाना, जो कि पोषण से भरपूर और बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने वाला उत्पाद है, अब धमतरी के किसानों की आय का एक प्रमुख जरिया बनेगा।
मखाना हब बनने की ओर अग्रसर हमारा धमतरी! सुशासन सरकार के कृषि विविधीकरण के प्रयास अब जमीन पर दिखने लगे हैं। किसानों और स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों से छत्तीसगढ़ अब धान के साथ-साथ नए कृषि उत्पादों का भी केंद्र बन रहा है। धमतरी जिले की 7 ग्राम