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रायपुर। धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसे जैतपुरी गांव में सोमवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के साथ धक्का-मुक्की की गई, वहीं कई वनकर्मियों की वर्दी फाड़ दी गई और उनके साथ मारपीट भी हुई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 ग्रामीणों को गिरफ्तार कर लिया है।
टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे अवैध कब्जों और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई को लेकर प्रशासन बेहद सख्त है। इसी सिलसिले में वन विभाग ने 166 ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें नोटिस जारी किए थे।
कुछ ग्रामीणों ने पूर्व में नोटिस का जवाब तो दिया था, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे।
बयान दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ही सोमवार को वन विभाग की टीम जैतपुरी गांव पहुंची थी।
डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने बताया कि टीम ने गांव पहुंचते ही जैसे ही 4 आरोपियों को हिरासत में लिया, वैसे ही गांव का माहौल गरमा गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने सुनियोजित तरीके से पहले महिलाओं को आगे कर दिया और फिर वन अमले को चारों तरफ से घेरकर हमला बोल दिया।
इस दौरान अधिकारियों से हाथापाई की गई और कई वनकर्मियों के कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस झड़प में कुछ महिला वनकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
डिप्टी डायरेक्टर के अनुसार, शुरुआती तनाव के बाद बाकी बचे 162 ग्रामीणों ने 5 दिन बाद सरेंडर (आत्मसमर्पण) करने की बात कही है। शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने के आरोप में वन विभाग की ओर से सिहावा थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।