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raipur lpg gas agency raid food department action
रायपुर। रायपुर जिले में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की समय पर डिलीवरी न करने और रिकॉर्ड में हेराफेरी करने वाली गैस एजेंसियों के खिलाफ खाद्य विभाग ने कड़ा रुख अपना लिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर किसी भी एजेंसी में लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई तय है।
इसी कड़ी में विभाग द्वारा की गई छापेमारी में 6 एजेंसियों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिसके बाद दो को नोटिस जारी किया गया है और *लएक एजेंसी के गोदाम को सील कर दिया गया है।
दरअसल, एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और पैनिक (अफरा-तफरी) की स्थिति के समय सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे महीने में कम से कम दो बार बुकिंग और सप्लाई का पूरा डेटा जमा करें। शुरुआत में तो एजेंसियों ने रिकॉर्ड दिया, लेकिन स्थिति सामान्य होते ही लापरवाही शुरू कर दी।
रिकॉर्ड न मिलने से नाराज खाद्य विभाग ने निरीक्षकों की टीम बनाकर जांच शुरू की, जिसमें शुरुआती दौर में ही बीपीसीएल (BPCL) की तीन गैस एजेंसियां फंस गईं। इनके रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद 'मौर्य गैस एजेंसी' के गोदाम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।
इसके अलावा टीम अब एचपीसीएल (HPCL) और आईओसीएल (IOCL) की गैस एजेंसियों के स्टॉक और ऑनलाइन रिकॉर्ड का भी मिलान कर रही है। सोमवार को भी ऐसी ही चार एजेंसियों के स्टॉक की जांच की गई।
खाद्य विभाग की टीम के अनुसार, शहर के बाहरी इलाकों (आउटर) की गैस एजेंसियों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां मिल रही हैं। आउटर की एजेंसियों के पास ग्राहकों की संख्या अनियंत्रित (कहीं बहुत कम, तो कहीं बहुत ज्यादा) होती है।
एजेंसियां अपनी तय सीमा से बाहर जाकर ग्राहक बना रही हैं और उन्हें सिलेंडर सप्लाई कर रही हैं। इसके अलावा, बीरगांव नगर निगम, नवा रायपुर और पुरानी विधानसभा क्षेत्र की एजेंसियों से लगातार शिकायतें आ रही हैं कि सिलेंडर उपलब्ध होने के बावजूद वे होम डिलीवरी नहीं कर रहे हैं।
गैस एजेंसियों के साथ-साथ प्रशासन ने पेट्रोल पंपों पर भी नकेल कसनी शुरू कर दी है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद अब सभी पेट्रोल पंप संचालकों से उनके स्टॉक का रिकॉर्ड मांगा गया है। उन्हें हर हफ्ते या महीने में कम से कम दो बार यह जानकारी देनी होगी कि कंपनी से कितना पेट्रोल-डीजल मंगवाया गया और कितना बेचा गया। ऑर्डर देने के बाद कंपनियों द्वारा टैंकरों की सप्लाई समय पर की जा रही है या नहीं।
"जिन गैस एजेंसियों के ग्राहकों ने शिकायत दर्ज कराई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर पहले जांच की जा रही है। अफसरों की टीम मौके पर जाकर ऑनलाइन रिकॉर्ड और गोदाम में उपलब्ध सिलेंडरों की वास्तविक स्थिति का मिलान कर रही है। जहां भी गड़बड़ी मिल रही है, वहां सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है।" भूपेंद्र मिश्रा, जिला खाद्य नियंत्रक