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दुर्ग। जिले में खाद की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच कृषि विभाग और डीसीसीबी की संयुक्त टीम ने सहकारी समितियों का निरीक्षण कर किसानों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में यूरिया सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है।
उप संचालक कृषि विभाग दुर्ग संदीप भोई ने बताया कि सहकारी क्षेत्र के लिए निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले करीब 60 प्रतिशत उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है, जबकि यूरिया का भंडारण 65 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है। डीएपी का भंडारण लक्ष्य से कुछ कम है, लेकिन उसके विकल्प के रूप में एसएसपी, नैनो डीएपी और एनपीके कॉम्प्लेक्स उर्वरक उपलब्ध हैं।

उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बाजार में फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार अनुशंसित मात्रा में ही उर्वरक खरीदें। कृषि विभाग किसानों को हरी खाद, बायोफर्टिलाइजर और पीएसबी के उपयोग के लिए भी प्रेरित कर रहा है।
संदीप भोई ने बताया कि कृषि विभाग और डीसीसीबी की टीम लगातार समितियों का दौरा कर रही है। निरीक्षण के दौरान किसानों की समस्याओं और शंकाओं का समाधान किया जा रहा है तथा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
नगपुरा के किसान गिरीश कुमार साहू ने बताया कि उन्हें सोसाइटी से पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी और पोटाश उपलब्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि नगपुरा सोसाइटी में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और संकट की बातें केवल अफवाह हैं।

गिरीश साहू ने कहा कि किसानों को खाद उपलब्ध होने की सूचना मोबाइल संदेश और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से दी जाती है, जिससे सभी किसान समय पर उर्वरक प्राप्त कर रहे हैं।
वहीं नगपुरा निवासी किसान भगत राम साहू ने बताया कि कभी-कभी स्टॉक पहुंचने में थोड़ी देरी हो जाती है, लेकिन खाद उपलब्ध होने पर सभी किसानों को मिल जाता है। उन्होंने कहा कि खाद नहीं मिलने की शिकायतें वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खातीं।
गौरतलब है कि एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा था कि प्रदेश के किसानों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार प्रतिदिन उर्वरक स्थिति की समीक्षा कर रही है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जहां भी कमी की शिकायत मिलेगी, वहां आवश्यकता के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशासन और किसानों के बयानों के बाद स्पष्ट है कि जिले में खाद की उपलब्धता को लेकर स्थिति सामान्य है और किसानों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की जा रही है।