

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

durg honeytrap kidnapping minor ransom 1 crore
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है, जहां 16 साल के एक नाबालिग को हनीट्रैप में फंसाकर अगवा कर लिया गया। आरोपियों ने न सिर्फ उसे किडनैप किया बल्कि उसके पिता से 1 करोड़ रुपए की फिरौती भी मांगी। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड खुद पीड़ित का सगा भांजा निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया और युवती समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला अमलेश्वर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से नाबालिग को फंसाने के लिए एक युवती का सहारा लिया। आरोपी युवती हेमपुष्पा साहू ने इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से संपर्क किया और कुछ ही दिनों में उससे नजदीकियां बढ़ा लीं। 4-5 दिन तक प्यार भरी बातचीत के बाद उसने 12 अप्रैल को नाबालिग को मिलने के बहाने तिरंगा चौक बुलाया।
जैसे ही नाबालिग वहां पहुंचा, पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे एक ग्रे रंग की सेंट्रो कार में बैठाया और अपहरण कर लिया।
घटना के करीब 45 मिनट बाद नाबालिग के पिता, जो पेशे से ठेकेदार हैं, के मोबाइल पर कॉल आया। कॉलर ने बेटे के अपहरण की जानकारी देते हुए 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
इसके बाद एक और कॉल आया, जिसमें खुद नाबालिग ने रोते हुए अपने पिता से मदद की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
दुर्ग पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और अलग-अलग टीमें गठित कीं। साइबर सेल की मदद से कॉल करने वाले नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई, जो धमतरी जिले के भखारा इलाके में मिली।
इसके बाद दुर्ग पुलिस ने धमतरी पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त कार्रवाई की गई। अर्जुनी थाना क्षेत्र में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की गई।
नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध ग्रे सेंट्रो कार को रोकने के लिए पुलिस ने सड़क पर जेसीबी लगाकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। कार रुकते ही उसमें बैठे लोगों से पूछताछ की गई, जिसमें मामला संदिग्ध पाया गया।
तलाशी लेने पर उसी कार से अपहृत नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि बाद में अन्य दो आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पीड़ित का सगा भांजा संजय साहू (25) था। उसे अपने मामा की आर्थिक स्थिति की जानकारी थी और उसने पैसे ऐंठने के लिए यह साजिश रची।
उसने अपने साथियों शैलेंद्र लहरे (25), रविंद्र लहरे उर्फ नानू (20), कृष्णा साहू उर्फ करन (28) और हेमपुष्पा साहू (24) को इस प्लान में शामिल किया।
आरोपियों ने एक हफ्ते पहले ही इस वारदात की योजना बना ली थी। युवती के जरिए नाबालिग को फंसाना, तय जगह पर बुलाना और फिर अपहरण करना, सब कुछ पहले से तय था। अपहरण के बाद आरोपी उसे लेकर धमतरी की ओर भाग गए और रास्ते में लगातार फिरौती के लिए कॉल करते रहे।
पुलिस ने जब्त किए सबूत
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ग्रे रंग की सेंट्रो कार, 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया है।
समय रहते पुलिस की तत्परता और तकनीकी जांच की मदद से नाबालिग को सुरक्षित बचा लिया गया। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के जरिए होने वाले अपराधों और हनीट्रैप जैसे खतरों को उजागर कर दिया है।