

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

iit kanpur student website hack internship offer
कानपुर: देश के सबसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शुमार IIT कानपुर से एक बेहद दिलचस्प और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां बी.टेक साइबर सिक्योरिटी कोर्स में एडमिशन न मिलने से नाराज एक छात्र ने अपनी काबिलियत साबित करने के लिए खुद संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट ही हैक कर डाली। ऐसे मामलों में आमतौर पर पुलिस कार्रवाई और जेल की हवा तय मानी जाती है, लेकिन IIT कानपुर ने इस युवा हैकर का भविष्य बर्बाद करने के बजाय उसे एक अनूठा और सराहनीय अवसर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
IIT कानपुर ने हाल ही में बी.टेक साइबर सिक्योरिटी कोर्स में प्रवेश के लिए एक हैकथॉन का आयोजन किया था, जिसके जरिए छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलना था। इस एंट्रेंस एग्जाम में वह छात्र अपनी स्किल्स पूरी तरह साबित नहीं कर सका, जिसके चलते उसका एडमिशन नहीं हो पाया और प्रवेश प्रक्रिया भी बंद हो गई।
एडमिशन खारिज होने से आहत छात्र ने संस्थान के पोर्टल में डिजिटल सेंधमारी कर डाली और वेबसाइट के होमपेज पर एक संदेश छोड़ दिया—"Site is Hacked, All I Need is Just a Fair Chance" (वेबसाइट हैक हो चुकी है, मुझे बस एक निष्पक्ष मौका चाहिए)।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मामला
अपनी अद्भुत साइबर सिक्योरिटी स्किल्स का लोहा मनवाने के लिए छात्र यहीं नहीं रुका। उसने हैक किए गए पोर्टल के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे 'X' (पूर्व में ट्विटर) और 'रेडिट' (Reddit) पर शेयर कर दिए। देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर वायरल हो गई। टेक जगत और सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि क्या ऐसे छात्र को सलाखों के पीछे भेजना चाहिए या उसकी इस असाधारण तकनीकी प्रतिभा को सही दिशा में तराशना चाहिए।
निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल का मानवीय और दूरदर्शी दृष्टिकोण
वेबसाइट के हैक होने के बाद संस्थान के भीतर यह सुगबुगाहट तेज हो गई थी कि छात्र के खिलाफ तुरंत पुलिस में FIR दर्ज कराई जाए और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, IIT कानपुर के निदेशक प्रो. मनिंद्र अग्रवाल ने मामले को एक शिक्षक, मार्गदर्शक और दूरदर्शी सोच के साथ संभाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रवेश की प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है और इसमें कई कड़े कानूनी व तकनीकी नियम जुड़े होते हैं, इसलिए इस साल उसे रेगुलर डिग्री कोर्स में दाखिला देना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
लेकिन, छात्र की प्रतिभा को देखते हुए संस्थान ने उस पर FIR दर्ज करने का फैसला टाल दिया। इसके बजाय, IIT कानपुर ने उसका एक कड़ा स्किल टेस्ट लेने का फैसला किया है। यदि वह इस टेस्ट में सफल होता है, तो संस्थान उसे अपने प्रतिष्ठित साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर C3iHub में इंटर्नशिप करने का शानदार मौका देगा।