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रायपुर: जनपद पंचायत धरसींवा के ग्राम पंचायत टोर के आश्रित गांव गिधौरी में शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सारागांव नायब तहसीलदार द्वारा बलपूर्वक कब्जा हटाने के आदेश जारी किए जाने के 16 दिन बीत जाने के बाद भी माल जमादार ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। इससे कब्जाधारी के हौसले बुलंद हैं और पीड़ित महिला न्याय के लिए भटक रही है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता ज्योति जांगड़े ने नायब तहसीलदार, उप तहसील सारागांव के न्यायालय में आवेदन देकर शिकायत की थी कि गिधौरी गांव में उनकी निजी जमीन से लगी शासकीय भूमि खसरा नं. 251, रकबा 0.101 हेक्टेयर पर गांव के ही सुरेश ढीढी (पिता स्व. विसहत ढीढी) ने अवैध कब्जा कर लिया है। यह शासकीय भूमि पटवारी रिकॉर्ड में मवेशियों के लिए सुरक्षित दर्ज है। आरोप है कि सुरेश ढीढी ने इस पर 38 फीट लंबाई और 34 फीट चौड़ाई में अवैध मकान का निर्माण कर लिया है।
पीड़िता ज्योति जांगड़े ने बताया कि कब्जाधारी न सिर्फ शासकीय भूमि पर काबिज है, बल्कि उन्हें उनकी निजी जमीन पर आने-जाने से भी रोकता है। विरोध करने पर वह गाली-गलौज करता है और मारपीट पर उतारू हो जाता है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी असामाजिक प्रवृत्ति का है और बाहुबल के दम पर कब्जा नहीं छोड़ रहा है। महिला होने के कारण वह डरी हुई है। खेत पर जाने का यही एकमात्र रास्ता है जो अब बंद हो चुका है। पीड़िता ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
मामले की सुनवाई करते हुए नायब तहसीलदार सारागांव ने कब्जाधारी सुरेश ढीढी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया था और 3 दिन के भीतर अतिक्रमण स्वयं हटाने का आदेश पारित किया था। आदेश में स्पष्ट था कि निर्धारित समय में कब्जा न हटाने पर बलपूर्वक हटाया जाएगा। इस आदेश के पालन के लिए 16 जून को नायब तहसीलदार ने माल जमादार, तहसील कार्यालय रायपुर को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।