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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच बने सीजफायर के बाद भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को वहां से बाहर निकलने की सलाह दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा हालात भारतीयों के सुरक्षित वापसी के लिए अनुकूल अवसर प्रदान कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए खासकर दक्षिण ईरान में रहने वाले भारतीयों से अपील की कि वे सड़क मार्ग के जरिए उत्तर की ओर बढ़ें और आर्मेनिया के रास्ते देश से बाहर निकलें। सरकार पहले भी ईरान के पड़ोसी देशों आर्मेनिया और अजरबैजान के जरिए कई भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुकी है।
जानकारी के अनुसार, जनवरी में ईरान में करीब 10 हजार भारतीय नागरिक मौजूद थे, जिनमें बड़ी संख्या छात्रों की थी। अब भी लगभग 7,500 भारतीय वहां फंसे हुए हैं, जिनमें ज्यादातर मेडिकल और इंजीनियरिंग के छात्र शामिल हैं।
सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि सीजफायर की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद भारत और खाड़ी देशों के बीच उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। वर्तमान में पश्चिम एशिया में तनाव के कारण भारत और खाड़ी क्षेत्र के बीच उड़ानों की संख्या घटकर 350 से 90 प्रतिदिन रह गई है।
उम्मीद जताई जा रही है कि पाकिस्तान में प्रस्तावित बैठक के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी, जिसके बाद यूएई, सऊदी अरब और कतर से भारत के लिए अधिक उड़ानें शुरू हो सकती हैं। वहीं, निजी एयरलाइन गल्फ एयर ने भी बहरीन और भारत के बीच जल्द उड़ान सेवाएं शुरू करने की घोषणा की है, जिससे भारतीयों की वापसी और आसान हो जाएगी।
भारत सरकार ने दोहराया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।