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नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच सोमवार को रिश्तों में नया अध्याय जुड़ गया। हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता में 23,784 करोड़ रुपये (2.6 अरब डॉलर) के यूरेनियम सप्लाई समझौते पर मुहर लगी। इसके तहत 2027 से 2035 तक भारत को 22 मिलियन पाउंड यूरेनियम की आपूर्ति होगी, जिसका उपयोग न्यूक्लियर ऊर्जा उत्पादन में किया जाएगा।
दोनों देशों ने फ्री ट्रेड समझौते (FTA) पर भी बातचीत शुरू करने की घोषणा की और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया। यह समझौता कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत हुआ, जिसमें वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने टर्म्स ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए।
प्रधानमंत्री मोदी ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों देश छोटे मॉड्यूलर और एडवांस्ड रिएक्टर तकनीक पर भी सहयोग करेंगे। कार्नी ने इसे स्वच्छ और भरोसेमंद ऊर्जा के लिए साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
भारत-कनाडा सीईओ फोरम में मोदी ने कहा, “टी20 क्रिकेट की तरह त्वरित निर्णय और निडर बातचीत के दम पर भारत और कनाडा मिलकर भविष्य का निर्माण करेंगे।” जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 8 अरब डॉलर रहा।
भारत की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में मजबूत घरेलू खपत, बड़े निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था विकास को गति दे रहे हैं।