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जबलपुर। सरकारी नौकरी में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के मामलों पर कार्रवाई के बीच जबलपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में लिपिक के पद पर पदस्थ सुभाष शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त की जांच में उसकी घोषित आय की तुलना में भारी मात्रा में संपत्ति का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त की टीम ने 8 अगस्त को गोहलपुर स्थित उसके आवास पर छापामार कार्रवाई की थी। इसके बाद से चल रही जांच में कई ऐसी संपत्तियां और महंगे सामान सामने आए हैं, जिनकी कीमत उसकी ज्ञात आय के अनुपात में काफी अधिक बताई जा रही है।
घर में लिफ्ट से लेकर महंगा साजो-सामान
लोकायुक्त की टीम को सुभाष शर्मा के गोहलपुर स्थित मकान में कई महंगी सुविधाएं और सामान मिले हैं। घर में लिफ्ट लगी होने की जानकारी सामने आई है। जांच के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति और घरेलू सामान से जुड़े दस्तावेजों को भी खंगाला है। इसके अलावा आरोपी की अन्य अचल संपत्तियों और निवेश की जानकारी जुटाई जा रही है।
कटंगी रोड पर आलीशान फार्म हाउस
जांच में कटंगी रोड पर एक आलीशान फार्म हाउस का भी पता चला है। लोकायुक्त अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस संपत्ति को कब खरीदा गया, इसके निर्माण में कितना खर्च हुआ और इसके लिए रकम का स्रोत क्या था। संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और भुगतान के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
पत्नी के पास मिला सोना-चांदी
लोकायुक्त की कार्रवाई में आरोपी की पत्नी के नाम और कब्जे में मौजूद आभूषण भी जांच के दायरे में आए हैं। तलाशी के दौरान करीब आधा किलो सोना और सवा किलो चांदी के आभूषण मिलने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों द्वारा इनकी कीमत और खरीद से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
फॉर्च्यूनर और सफारी जैसी महंगी गाड़ियां
लिपिक के पद पर तैनात सुभाष शर्मा के पास टोयोटा फॉर्च्यूनर और टाटा सफारी जैसी लग्जरी गाड़ियां भी मिली हैं। लोकायुक्त इन वाहनों की खरीद में खर्च हुई रकम और उनके भुगतान के स्रोत की जांच कर रही है। अधिकारियों का फोकस इस बात पर है कि आरोपी की नौकरी से प्राप्त वैध आय और उसके पास मौजूद संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।
6 बैंक खातों को किया गया फ्रीज
लोकायुक्त ने आरोपी से जुड़े छह बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। अब इन खातों में पिछले वर्षों के दौरान हुए लेन-देन की जांच की जाएगी। बैंक खातों की स्टेटमेंट, बड़े लेन-देन, संपत्ति खरीद के लिए किए गए भुगतान और अन्य वित्तीय गतिविधियों से जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि बैंक खातों की जांच से संपत्ति अर्जित करने के स्रोत को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस
जबलपुर लोकायुक्त की एसपी अंजुलता पटले के मुताबिक, सुभाष शर्मा के खिलाफ फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया गया है। लोकायुक्त की टीम आरोपी की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, वाहनों, आभूषणों और अन्य निवेश की विस्तृत जांच कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार अभी कार्रवाई पूरी नहीं हुई है। संपत्तियों के मूल्यांकन और दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि आरोपी की कुल संपत्ति उसकी वैध आय की तुलना में कितनी अधिक है।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब आरोपी की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंकिंग लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। फार्म हाउस, मकान, वाहनों, सोने-चांदी और बैंक खातों की जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का वास्तविक मूल्य सामने आएगा।
फिलहाल इस मामले ने सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की निगरानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक लिपिक के पद पर रहते हुए इतनी बड़ी संपत्ति मिलने की जांच अब लोकायुक्त के लिए महत्वपूर्ण मामला बन गई है।