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रायपुर। जनजातीय गौरव दिवस को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज की उपेक्षा करने और उनके गौरवशाली इतिहास को दबाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा भारत की माटी से जुड़े जनजातीय वीरों और उनके बलिदान को सम्मान देने की परंपरा में विश्वास रखती है, जबकि ‘इंडीजेनस पीपल डे’ जैसी अवधारणाएं भारत की अपनी जनजातीय परंपरा के संदर्भ में अप्रासंगिक और विदेशी हैं।
देवलाल ठाकुर ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस देश के उन वीर जनजातीय सपूतों के शौर्य, संघर्ष और बलिदान की स्मृति का पर्व है, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक संघर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गेंद सिंह नायक और वीर गुण्डाधुर जैसे जनजातीय नायकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन वीरों का योगदान देश के इतिहास में हमेशा याद किया जाना चाहिए।
कांग्रेस पर आदिवासी नायकों की अनदेखी का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी समाज के महान नायकों और उनके योगदान को उचित स्थान नहीं दे सकी। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के महिमामंडन के कारण जनजातीय समाज के अनेक वीरों के संघर्ष और बलिदान इतिहास के पन्नों में पर्याप्त प्रमुखता नहीं पा सके।
ठाकुर ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की नीतियों के कारण लंबे समय तक आदिवासी समाज विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। उनके मुताबिक भाजपा ने इसके विपरीत जनजातीय समाज की शिक्षा, विकास, सम्मान और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने का काम किया है।
भाजपा ने आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ा: ठाकुर
देवलाल ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकारों ने आदिवासी युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम किया है। उन्होंने कहा कि आज जनजातीय समाज के युवा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने आदिवासी समाज को केवल सामाजिक और प्रशासनिक मुख्यधारा से जोड़ने की बात नहीं की, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक प्रतिनिधित्व का अवसर भी दिया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की बेटी का देश के राष्ट्रपति पद तक पहुंचना ऐतिहासिक उपलब्धि है।
‘जनजातीय गौरव दिवस अस्मिता और सम्मान का प्रतीक’
ठाकुर ने कहा कि देश अब अपने वीर जनजातीय सपूतों के शौर्य और बलिदान को याद कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के गौरव और उनकी सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने के लिए कई पहल की गई हैं।
उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की अस्मिता, संस्कृति, इतिहास और वीरता को सम्मान देने का अवसर है। भाजपा आगे भी आदिवासी समाज के मान-सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और सर्वांगीण विकास के लिए काम करती रहेगी।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आदिवासी समाज अब अपने इतिहास और अधिकारों को लेकर जागरूक है। उनके अनुसार जनजातीय समाज यह समझ रहा है कि किसने उन्हें केवल राजनीतिक उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किया और किसने उनके गौरव, सम्मान तथा विकास के लिए ठोस कदम उठाए।