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कानपुर में गत रविवार को लैंबोर्गिनी कार से हुए हादसे के चार दिन बाद पुलिस ने तंबाकू कारोबारी के केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया। हालांकि, गिरफ्तारी के केवल साढ़े छह घंटे बाद शिवम को रिहा कर दिया गया।
गुरुवार सुबह साढ़े नौ बजे शिवम को गिरफ्तार कर सुबह 10 बजे अदालत में पेश किया गया। शाम चार बजे ही कोर्ट ने उन्हें रिहा कर दिया। एसीजेएम 7 अमित सिंह की अदालत ने पुलिस की इस कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि गिरफ्तारी के दौरान प्रक्रिया का सही पालन नहीं किया गया। अदालत ने यह भी बताया कि नोटिस जारी करने और गिरफ्तारी दोनों एक ही दिन में हुई, जबकि इसमें समय देने की आवश्यकता थी।
कोर्ट ने न्यायिक कस्टडी रिमांड की पुलिस की प्रार्थना खारिज कर दी और शिवम को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया। अदालत ने विवेचना में सहयोग करने का निर्देश भी दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने गिरफ्तारी के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रति प्रमुख सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक और पुलिस आयुक्त को भेजने के निर्देश दिए।
इससे पहले भी पुलिस की लापरवाही को लेकर विवाद हो चुका है। मुकदमे में शिवम का नाम न जोड़ने और लैंबोर्गिनी को थाने में कवर से ढकने पर ग्वालटोली थानाप्रभारी संजय गौड़ को निलंबित किया गया था।
हादसे की बात करें तो, रविवार को शिवम की लैंबोर्गिनी कार ने शहर के वीआईपी रोड पर खड़े ऑटो और बाइक को टक्कर मारी थी। इस हादसे में वहां खड़े तौफीक अहमद के पैर में चोट आई थी। उनके द्वारा दर्ज तहरीर पर ग्वालटोली थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
हादसे के समय की वीडियो फुटेज सार्वजनिक होने के बाद, सोमवार को शिवम का नाम मुकदमे में जोड़ा गया। उन पर लापरवाही से वाहन चलाने और लोगों की सुरक्षा खतरे में डालने समेत चार धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने उस समय बताया था कि सभी धाराएं जमानती हैं, इसलिए नोटिस जारी किया जाएगा।
इस बीच, तंबाकू कारोबारी ने दावा किया कि हादसे के समय कार उनका चालक मोहन एम चला रहा था, जो दिल्ली का निवासी है। चालक ने अदालत में आत्मसमर्पण का पत्र भी दिया था। हालांकि, पुलिस ने कोर्ट को बताया कि वांछित आरोपी शिवम ही है।
इस पूरे मामले ने कानपुर पुलिस की कार्यप्रणाली और हाई-प्रोफाइल लोगों के मामले में कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।