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korba woman dies after consuming pesticide over mobile network issue
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के करतला थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है। मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत के बीच नेटवर्क चले जाने से गुस्साई 52 वर्षीय महिला ने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना केराकछार गांव की है।
खाना खाते समय देख रही थी रील, अचानक चला गया नेटवर्क
जानकारी के मुताबिक, केराकछार गांव निवासी मंगलो बाई अपने पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चों के साथ रहती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति मजदूरी पर निर्भर थी। परिजनों के अनुसार, मंगलो बाई को मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की आदत थी।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंगलो बाई खाना खा रही थी और इसी दौरान मोबाइल पर रील देख रही थी। अचानक मोबाइल नेटवर्क गायब हो गया और रील चलना बंद हो गई। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद नेटवर्क वापस नहीं आया।
बताया जा रहा है कि इससे मंगलो बाई काफी नाराज हो गई। गुस्से में उसने मोबाइल को जमीन पर पटक दिया, जिससे मोबाइल टूट गया। इसके बाद वह घर के एक कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
करीब 10 मिनट बाद बाहर आई, फिर होने लगी उल्टियां
परिजनों के मुताबिक, लगभग 10 मिनट बाद मंगलो बाई कमरे से बाहर निकली और बरामदे में जाकर बैठ गई। कुछ देर बाद उसे लगातार उल्टियां होने लगीं। शुरुआत में परिवार के लोगों को लगा कि अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई है।
हालांकि, उल्टी से जहरीले पदार्थ जैसी दुर्गंध आने पर परिजनों को शक हुआ। इसके बाद कमरे की तलाशी ली गई तो वहां कीटनाशक का खाली डिब्बा मिला। इससे परिजनों को अंदेशा हुआ कि मंगलो बाई ने कीटनाशक का सेवन कर लिया है।
अस्पताल ले जाने से पहले पिलाया गोबर का पानी
मंगलो बाई के पति प्रेमलाल ने पुलिस को बताया कि गांव में चली आ रही एक पुरानी मान्यता के चलते अस्पताल ले जाने से पहले उन्होंने उसे उल्टी कराने के लिए गोबर का पानी पिला दिया था। हालांकि, इससे उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद परिजनों ने तत्काल डायल-112 की मदद ली और महिला को करतला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए उसे कोरबा मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। संजीवनी एक्सप्रेस के जरिए उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया।
रविवार को इलाज के दौरान मौत
मंगलो बाई की हालत गंभीर बनी हुई थी। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन रविवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं और घटना के परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
कोरबा में आत्महत्या से जुड़े मामलों ने बढ़ाई चिंता
इस घटना के साथ ही कोरबा मेडिकल कॉलेज में सामने आए आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले करीब 8 महीनों में आत्महत्या से जुड़े मामलों में 57 लोगों की मौत हो चुकी है।
हालांकि, मंगलो बाई के मामले में पुलिस जांच के बाद ही घटना के सभी पहलुओं की स्पष्ट पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल शुरुआती जानकारी के अनुसार, मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने के बाद गुस्से में उठाया गया कदम इस दर्दनाक घटना की वजह बताया जा रहा है।
यह घटना मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मानसिक संतुलन और भावनात्मक नियंत्रण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। परिवार के लोगों का कहना है कि छोटी-सी बात पर मंगलो बाई ने इतना बड़ा कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।