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कोरिया। जिले के सोनहत तहसील अंतर्गत ग्राम नौगई (कटगोड़ी क्षेत्र) में रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद मंगलवार रात खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया। इस सनसनीखेज आगजनी कांड में मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। गंभीर रूप से झुलसे शिक्षक नागेंद्र सिंह (53) ने रायपुर रेफर किए जाने के दौरान बिलासपुर पहुंचने से पहले दम तोड़ दिया। इससे पहले भाजपा नेता एवं पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह की मौके पर ही मौत हो गई थी। एक अन्य घायल ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
रास्ता रोककर कार में लगाई आग, बाहर निकलने का भी नहीं मिला मौका
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, वारदात इतनी तेजी से हुई कि वाहन में सवार लोगों को बाहर निकलने का अवसर तक नहीं मिल पाया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले फॉर्च्यूनर वाहन का रास्ता रोकने के लिए सामने डंपर खड़ा कर दिया। इसके बाद वाहन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई। देखते ही देखते पूरी गाड़ी आग के गोले में तब्दील हो गई और उसमें सवार लोग बुरी तरह झुलस गए।

घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ ही देर में पूरी कार जलकर राख हो गई। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इसके बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया।
रेत घाट को लेकर पुरानी रंजिश बनी खूनी संघर्ष की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नौगई रेत घाट के संचालन और वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि एक ओर त्रिपाठी परिवार और दूसरी ओर ठाकुर परिवार के बीच रेत कारोबार को लेकर पुरानी रंजिश थी, जो मंगलवार रात हिंसक टकराव में बदल गई।

जानकारी के अनुसार, ठाकुर परिवार के कुछ लोग रात में नौगई गांव पहुंचे, जहां त्रिपाठी परिवार निवास करता है। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई, जिसके बाद आगजनी की घटना सामने आई।
कार में सवार थे चार लोग
बताया जा रहा है कि फॉर्च्यूनर वाहन में भाजपा नेता भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह, उनके भाई शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह और एक अन्य व्यक्ति सवार थे। आग लगने के बाद सभी गंभीर रूप से झुलस गए। भरत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।


पुलिस ने दर्ज किया हत्या और हत्या के प्रयास का मामला
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हत्या, हत्या के प्रयास और आगजनी सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि रेत उत्खनन के कारोबार को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। नौगई गांव में त्रिपाठी परिवार निवास करता है और मंगलवार रात ठाकुर परिवार के लोग वहां पहुंचे थे। दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई।

उन्होंने कहा कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फॉर्च्यूनर कार में आग किस परिस्थिति में लगी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 और 307 सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। घटना में एक व्यक्ति की मौके पर मौत हुई है, जबकि तीन लोग आईसीयू में भर्ती हैं। एक घायल योगेंद्र सिंह बातचीत करने की स्थिति में हैं और उनके बयान के आधार पर आगे की जांच को दिशा मिलेगी।
एएसपी ने बताया कि मामले में सात लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इनमें से कुछ आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर थे, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी।
चार आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है और जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा - सीएम साय
इस जघन्य हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि, यह मामला उनके संज्ञान में है। वह लगातार इस पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, दोषी कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगा।
आईजी ने लिया घटनास्थल का जायजा
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) भी नौगई पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी ली और जांच की प्रगति की समीक्षा की। एहतियात के तौर पर गांव और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।
विधायक भैयालाल राजवाड़े ने जताया दुख
बैकुंठपुर विधायक भैयालाल राजवाड़े देर रात ही घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर तनाव था, जो अचानक हिंसक रूप में सामने आया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता बताई।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने की निष्पक्ष जांच की मांग
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रात में ही उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत को भी घटना की जानकारी देने का प्रयास किया। बाद में उनसे चर्चा कर पूरे मामले से अवगत कराया गया। कमरो ने कहा कि यह बेहद पीड़ादायक घटना है और पीड़ित परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति मिले, इसके लिए ईश्वर से प्रार्थना की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।
रेत कारोबार की पुरानी रंजिश ने ली एक जान
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ रही है कि नौगई क्षेत्र में रेत उत्खनन और उसके नियंत्रण को लेकर लंबे समय से तनाव बना हुआ था। इसी विवाद की पृष्ठभूमि में मंगलवार रात का संघर्ष हुआ, जिसने एक राजनीतिक कार्यकर्ता की जान ले ली और कई लोगों को जिंदगी और मौत के बीच पहुंचा दिया।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों की जांच में लगी है और पुलिस को उम्मीद है कि जांच के बाद इस सनसनीखेज वारदात की पूरी तस्वीर सामने आ जाएगी।