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भोपाल। देश की महत्वाकांक्षी चीता पुनर्स्थापना परियोजना में शनिवार को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई। मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता आशा ने पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही भारत में जन्मे चीतों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है, जबकि देश में कुल चीता आबादी अब 35 तक पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस शुभ अवसर की जानकारी अपने आधिकारिक एक् हैंडल पर साझा करते हुए इसे प्रदेश और देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने लिखा कि यह उपलब्धि वन कर्मचारियों और पशु चिकित्सकों की अथक मेहनत का परिणाम है और मध्यप्रदेश को वन्यजीव संरक्षण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करती है। मुख्यमंत्री ने चीता आशा और उसके नवजात शावकों का एक वीडियो भी साझा किया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कूनो नेशनल पार्क में वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी के कारण चीतों के लिए सुरक्षित और अनुकूल वातावरण विकसित हुआ है। पहले कूनो में 27 चीते मौजूद थे, लेकिन नए शावकों के जन्म के बाद यह संख्या 32 हो गई है। इसके अलावा मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में तीन चीते रखे गए हैं, जिसे देश का दूसरा चीता अभयारण्य बनाया गया है।
गौरतलब है कि चीता आशा को 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से भारत लाया गया था और उसका नामकरण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। आशा ने इससे पहले 3 जनवरी 2024 को तीन शावकों को जन्म दिया था, जो वर्तमान में स्वस्थ हैं। दूसरी बार पांच शावकों को जन्म देकर आशा ने यह सिद्ध कर दिया है कि कूनो का वातावरण चीतों के प्रजनन के लिए पूरी तरह अनुकूल है।
इस उपलब्धि पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि “आशा की विरासत आगे बढ़ी है” और यह क्षण प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई प्रोजेक्ट चीता के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
इधर, 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ नए चीते भारत लाए जाने हैं, जिनमें दो नर और छह मादा शामिल हैं। इनके स्वागत को लेकर कूनो नेशनल पार्क में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पार्क प्रबंधन ने जानकारी दी कि चीतों के लिए विशेष क्वारंटीन बाड़े बनाए गए हैं, जहां उन्हें उनके व्यवहार और सामंजस्य के अनुसार रखा जाएगा।