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महासमुंद जिले के ग्राम पंचायत बेमचा में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। गांव के वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) रायपुर की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुरुवार को शिकायत के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, महासमुंद निवासी सूरज राम रात्रे ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के नाम पर ग्राम बेमचा के इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में आबादी भूमि और मकान है। इस जमीन पर निर्माण के लिए पूर्व सरपंच ने पहले ही एनओसी जारी कर दी थी, लेकिन वर्तमान सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर ने उस अनुमति को निरस्त कर दिया।
आरोप है कि सरपंच ने दोबारा निर्माण की अनुमति देने के बदले चार लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी से संपर्क किया और पूरी जानकारी दी।
एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। जांच के दौरान सरपंच ने मोलभाव कर रिश्वत की रकम 3 लाख 80 हजार रुपये तय की और पहले 50 हजार रुपये एडवांस के रूप में ले लिए।
इसके बाद एसीबी टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की अगली किश्त लेते समय सरपंच को मौके पर ही पकड़ लिया गया।
एसीबी ने आरोपी सरपंच के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले में अब अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।