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भोपाल। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में बच्चा चोरी की अफवाह ने एक मासूम की जान ले ली। बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा में 26 फरवरी को छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के रहने वाले 17 वर्षीय अमरलाल को ग्रामीणों ने बच्चा चोर समझकर पकड़ लिया और बेरहमी से पीटा। हाथ-पैर बांधकर डंडों से मारपीट की गई, बाल पकड़कर घसीटा गया और उससे नाम-पता पूछा जाता रहा। पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल अमरलाल को बिछिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, उसी दिन दोपहर में वह बिना बताए अस्पताल से निकल गया। अगले दिन 27 फरवरी की सुबह बिछिया कस्बे के बाहर सड़क किनारे उसका शव मिला। बताया गया कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
शुरुआत में युवक की पहचान नहीं हो सकी थी। 2 मार्च की रात कबीरधाम जिले के ग्राम कुकरापानी से पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान अपने पुत्र अमरलाल (17) के रूप में की। परिजनों ने बताया कि अमरलाल मानसिक रूप से दिव्यांग था और कुछ दिन पहले घर से लापता हो गया था।
2 मार्च को मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने कहा कि बच्चा चोरी की अफवाहों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है और किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि युवक को सुरक्षित निगरानी में रखा जाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। वहीं परिजन इसे सीधी हत्या बता रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चा चोरी की अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस या डायल 112 पर दें, लेकिन कानून अपने हाथ में न लें। मॉब लिंचिंग को संगीन अपराध बताया गया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।