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minister rajesh agrawal denies allegations over viral kathavachak video
अंबिकापुर। इंटरनेट मीडिया पर कथावाचक का वीडियो वायरल होने के बाद छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री Rajesh Agrawal ने बयान जारी कर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि कथावाचन कार्यक्रम से उनका या उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है और उनकी कथित कथावाचक से कभी मुलाकात भी नहीं हुई।
मंत्री अग्रवाल ने बताया कि Lakhanpur में भागवत कथा के आयोजन के लिए भारतीय नमो सेवा दल नामक संस्था ने संस्कृति मंत्रालय से सहायता राशि स्वीकृत कराने के लिए आवेदन दिया था। उस समय उन्होंने साफ कर दिया था कि ऐसे धार्मिक आयोजन के लिए सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि संस्था के लोगों के आग्रह पर उन्होंने आवेदन विभागीय अधिकारियों को अग्रेषित कर दिया था, लेकिन बाद में वह आवेदन अस्वीकृत हो गया। इसके बावजूद कथावाचक का वीडियो प्रसारित किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि यदि आयोजकों ने कथावाचक को भुगतान नहीं किया होगा तो संभव है कि दबाव बनाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हों। उन्होंने यह भी कहा कि कथित कथावाचक ने रुपये की मांग की थी, लेकिन धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी धन देना संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पैसा नहीं मिलने के कारण कथावाचक वीडियो बनाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि आस्था से जुड़ा विषय होने के कारण वे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते।
गौरतलब है कि वायरल वीडियो में कथावाचक खुद को Dr. Ramanuragi Katha Vyas बताकर दावा कर रहे हैं कि कथा आयोजन कराने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया गया।