

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

nakti bulldozer action chhattisgarh assembly congress 34 mlas suspended
रायपुर। रायपुर जिले के नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का मामला बुधवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार तरीके से गूंजा। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर काम रोको (स्थगन) प्रस्ताव लाकर तत्काल चर्चा की मांग की, लेकिन स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद प्रस्ताव को अग्राह्य कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। विधानसभा नियमों के अनुसार गर्भगृह में प्रवेश करने पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत समेत कांग्रेस के सभी 34 विधायक स्वतः निलंबित हो गए।
प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए आरोप लगाया कि नकटी गांव में 29 और 30 जून को बुलडोजर चलाकर 85 गरीब परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। उनका कहना था कि इनमें कई मकान प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बने थे, जहां बिजली, पेयजल और सड़क जैसी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध थीं।
कांग्रेस ने सरकार की कार्रवाई को अन्यायपूर्ण, असंवैधानिक और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत बताते हुए कहा कि इससे प्रभावित परिवारों के मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है। कांग्रेस विधायकों का आरोप था कि बुलडोजर कार्रवाई में घरों के साथ घरेलू सामान, बच्चों की किताबें, राशन और अन्य जरूरी सामान भी नष्ट हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्रीय सांसद ने बारिश के मौसम में मकान नहीं तोड़ने और पहले पुनर्वास कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन उसका पालन नहीं किया गया। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि सेक्टर-30, नवा रायपुर में दिए जा रहे वैकल्पिक आवास छोटे हैं और वहां बिजली-पानी सहित मूलभूत सुविधाओं की कमी है।
बहस के दौरान कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल ने आरोप लगाया कि विधायक कॉलोनी निर्माण के लिए गरीबों के मकान तोड़े गए। इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि यदि इस दावे से जुड़े कोई दस्तावेज हैं तो उन्हें सदन के पटल पर रखा जाए।
सरकार की ओर से जवाब देते हुए राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और नियमों के तहत की गई है। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर अतिरिक्त तहसीलदार ने जांच की थी। जांच में अवैध कब्जा पाए जाने के बाद वर्ष 2025 में बेदखली का आदेश जारी किया गया और 28 जून को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।
राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रभावित लोगों को कार्रवाई से पहले अपना सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया गया था। साथ ही, उनके पुनर्वास के लिए सेक्टर-30, नवा रायपुर में फ्लैट उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसी भी परिवार के घरेलू सामान को नुकसान नहीं पहुंचाया गया और यह कहना भी गलत है कि कार्रवाई बारिश के दौरान की गई।
राजस्व मंत्री के जवाब के बाद स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने काम रोको प्रस्ताव को अग्राह्य घोषित कर दिया। इससे नाराज कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए, जिसके बाद विधानसभा नियमों के तहत नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित कांग्रेस के सभी 34 विधायक निलंबित हो गए।