

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

narayanpur naxal explosive supply case 3 accused sentenced 7 years
नारायणपुर। नक्सली गतिविधियों के लिए विस्फोटक सामग्री उपलब्ध कराने के मामले में नारायणपुर के विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट ने तीन आरोपियों को दोषसिद्ध कर अलग-अलग धाराओं में कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषी ठहराए गए आरोपियों में चमेली बाई, रवि मरकाम उर्फ सुशील और कोसरू वड्डे शामिल हैं।
अदालत ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की धाराओं के तहत आरोपियों को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा विधिविरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम यानी UAPA की विभिन्न धाराओं में भी अलग-अलग सजा सुनाई गई है।
जड़ी-बूटी के सामान के बहाने छिपाए थे विस्फोटक
पूरा मामला 19 मार्च 2024 का है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तारागांव में कुछ लोगों ने जड़ी-बूटी बेचने के सामान के बहाने गठरियों में विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखी है। सूचना में यह भी बताया गया था कि इस सामग्री को नक्सलियों तक पहुंचाने की योजना है।
सूचना का सत्यापन करने के बाद नारायणपुर पुलिस ने कार्रवाई की। मौके से आरोपियों के कब्जे से 4 डेटोनेटर, 7 बोरी पोटेशियम नाइट्रेट, 7 मीटर लाल रंग का कॉर्डेक्स वायर और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए।
बाजार से तारागांव तक पहुंचाई जानी थी सामग्री
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी अग्रिम विवेचना राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA), पुलिस मुख्यालय रायपुर को सौंपी गई।
जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को कथित सप्लाई नेटवर्क के संबंध में जानकारी मिली। विवेचना में सामने आया कि बरामद विस्फोटक सामग्री को नक्सली संगठन के सप्लायर और अन्य नक्सलियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से रवि मरकाम और चमेली बाई के माध्यम से नारायणपुर बाजार से तारागांव ले जाया जाना था।
जांच के दौरान कोसरू वड्डे, पिता मासा वड्डे, निवासी ग्राम गवाड़ी, पंचायत थुलथुली, थाना ओरछा, जिला नारायणपुर को भी मामले में आरोपी पाया गया। SIA ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा। इसके बाद विवेचना पूरी कर विशेष न्यायालय एनआईए एक्ट, नारायणपुर के समक्ष अभियोग पत्र पेश किया गया।
साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर दोषसिद्धि
विशेष न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर तीनों आरोपियों को दोषसिद्ध माना। अदालत ने विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत कारावास के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई।
किस धारा में कितनी सजा?
धारा 4, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1,000 अर्थदंड।
धारा 5, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908: 7 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹1,000 अर्थदंड।
धारा 10(1), UAPA: 2 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड।
धारा 13(1), UAPA: 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड।
धारा 38(2), UAPA: 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड।
धारा 39(2), UAPA: 5 वर्ष का सश्रम कारावास और ₹500 अर्थदंड।
नक्सल नेटवर्क को मदद पहुंचाने वालों पर कार्रवाई जारी
नारायणपुर पुलिस और राज्य अन्वेषण अभिकरण की ओर से नक्सल गतिविधियों को सहयोग या संसाधन उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।