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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को फ्रांस और स्लोवाकिया के 6 दिवसीय महत्वपूर्ण विदेशी दौरे पर रवाना हो गए हैं। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी फ्रांस के तीन शहरों- नीस, इवियान और पेरिस का दौरा करेंगे, जहां वे जी-7 सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। लगातार आठवीं बार भारत को जी-7 सम्मेलन में आमंत्रित किया गया है, जिसे पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा का प्रतीक बताया है। शनिवार रात करीब 10.45 बजे फ्रांस पहुंचने पर हवाई अड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
सवा 3 लाख करोड़ की महाडील और 12 संभावित समझौते
पीएम मोदी के इस दौरे में फ्रांस के साथ करीब सवा तीन लाख करोड़ (3.25\text{ Lakh Crore}) रुपये की रक्षा और तकनीक से जुड़ी महाडील पर बातचीत होगी। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। ये समझौते मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों से जुड़े होंगे।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन
हेल्थ टेक और मेडिकल उपकरणों की टेक्नोलॉजी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सेमीकंडक्टर
स्पेस टेक्नोलॉजी
114 राफाल विमानों की डील और सोर्स कोड का बड़ा मुद्दा
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में वायु सेना के लिए 114 राफाल लड़ाकू विमानों की डील पर सबसे अहम चर्चा होगी। इस सौदे के तहत भारत सिर्फ विमान ही नहीं खरीदना चाहता, बल्कि टेक्नोलॉजी का पूरा ट्रांसफर और साझा विकास चाहता है।
वायु सेना के लिए आने वाले 114 राफाल विमानों में से केवल 24 विमान फ्रांस से बनकर आएंगे। बाकी 90 विमानों का विकास और उत्पादन टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के जरिए भारत में ही किया जाएगा। भारत चाहता है कि इन विमानों में 60% तक स्वदेशी पुर्जे और तकनीक इस्तेमाल की जाए।
भारत की सबसे बड़ी मांग राफाल के इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के 'सोर्स कोड' और इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट (ICDI) को हासिल करना है। इसके मिलने से भारत फ्रांसीसी निर्भरता के बिना राफाल में अपनी स्वदेशी मिसाइलें, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक्स अपनी इच्छा से जोड़ सकेगा। फिलहाल फ्रांसीसी मीडिया 'ले मॉन्डे' के अनुसार, फ्रांस इस पर हिचक रहा है। इस महाडील पर अंतिम फैसला पीएम की यात्रा के बाद कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) लेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का 6 दिवसीय पूरा शेड्यूल (14 से 18 जून)
14 जून - पीएम फ्रांस के नीस शहर में 'भारत इनोवेट्स' का उद्घाटन करेंगे।
14-15 जून- पीएम स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। ब्रातिस्लावा में वहां के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और पीएम रॉबर्ट फिको से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्लोवाकिया की आज़ादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी।
16-17 जून- पीएम फ्रांस के इवियान में आयोजित जी-7 सम्मेलन में भाग लेंगे।
जी-7 में ट्रम्प से मुलाकात - सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलेंगे, जहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय 'ट्रेड डील' पर अहम बातचीत होगी।
18 जून- पीएम पेरिस पहुंचेंगे और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे व 'विवाटेक सम्मेलन' में हिस्सा लेंगे।
इस यात्रा के दौरान एक और बड़ा रणनीतिक फैसला हो सकता है। ईरान युद्ध के चलते 'होर्मुज स्ट्रेट' से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर भारत बड़ा कदम उठा सकता है। ब्रिटेन की अगुवाई में अप्रैल में हुई पेरिस वार्ता में भारत शामिल हुआ था। भारत किसी एक देश की पहल के बजाय संयुक्त राष्ट्र (UN) के नियमों के अनुकूल बहुपक्षीय सुरक्षा व्यवस्था का पक्षधर है। ऐसे में भारत, फ्रांस और ब्रिटेन की पहल के साथ कदम मिलाते हुए 'होर्मुज रक्षा गठबंधन' में शामिल होने पर अपनी सहमति दे सकता है।