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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से झालमुड़ी खिलाकर रातों-रात देश भर में सुर्खियों में आए स्ट्रीट वेंडर बिक्रम साऊ अब एक बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं. कभी उनके लिए गर्व का पल रही यह घटना अब उनके और उनके परिवार के लिए खौफ का सबब बन चुकी है. बिक्रम साऊ का दावा है कि उन्हें पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय नंबरों, विशेषकर पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगातार धमकी भरे फोन और वीडियो कॉल्स आ रहे हैं, जिसमें उन्हें और उनकी दुकान को बम से उड़ाने व जान से मारने की बात कही जा रही है.
दरअसल, यह पूरा मामला 19 अप्रैल का है, जब झाड़ग्राम में एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद लौटते समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का काफिला अचानक सड़क किनारे रुक गया था. पीएम मोदी ने खुद गाड़ी से उतरकर बिक्रम साऊ की साधारण सी दुकान पर झालमुड़ी का स्वाद लिया और उनसे बातचीत भी की थी. प्रधानमंत्री के इस औचक दौरे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुए थे, जिसके बाद से बिक्रम को 'पीएम के झालमुड़ी वाले' के रूप में एक नई पहचान मिली थी.
बिक्रम साऊ का आरोप है कि उनकी यह प्रसिद्धि सीमा पार बैठे कुछ असामाजिक तत्वों को रास नहीं आई. पिछले कुछ दिनों से उनके फोन पर +92 (पाकिस्तान) और +880 (बांग्लादेश) जैसे अंतरराष्ट्रीय कोड वाले नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं. कॉल करने वाले उन्हें सीधे तौर पर पीएम मोदी से जुड़ने और उन्हें झालमुड़ी खिलाने के कारण निशाना बनाने की बात कह रहे हैं.
एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले बिक्रम ने भारी मन से कहा “मैं एक छोटा सा दुकानदार हूं, मेरा किसी भी राजनीतिक दल या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. देश के प्रधानमंत्री मेरी दुकान पर आए, यह मेरे और मेरे परिवार के लिए बहुत बड़े सम्मान की बात थी. लेकिन अब जिस तरह से पाकिस्तान और बांग्लादेश से मुझे और मेरे बच्चों को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, उससे हमारा पूरा परिवार गहरे खौफ में है. हम रात भर सो नहीं पा रहे हैं.”
मामले की गंभीरता और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया है. बिक्रम साऊ और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झाड़ग्राम में उनकी दुकान और आवास के आसपास राज्य पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के जवानों को तैनात कर दिया गया है.
पुलिस प्रशासन ने बिक्रम की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. साइबर सेल और खुफिया एजेंसियां उन अंतरराष्ट्रीय नंबरों को ट्रैक करने में जुट गई हैं, जिनसे ये कॉल और वीडियो कॉल आ रहे हैं. इस अचानक उपजे सुरक्षा संकट के बाद से झाड़ग्राम के स्थानीय निवासियों में भी चिंता और सनसनी का माहौल है, और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.