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रायपुर: राजधानी रायपुर के विधानसभा थाना क्षेत्र में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। यहाँ सड्डू स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले और महालेखाकार (AG) कार्यालय में अकाउंटेंट के पद पर पदस्थ शंकर बोस से क्रिप्टोकरेंसी में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 16 लाख 7 हजार 106 रुपये की बड़ी ठगी कर ली गई है। पीड़ित की शिकायत पर विधानसभा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की विवेचना निरीक्षक शिवेंद्र राजपूत को सौंपी गई है।
पीड़ित शंकर बोस के अनुसार, कुछ समय पहले फेसबुक पर उनके पास 'काव्या चौधरी' नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और कुछ दिनों बाद युवती ने पीड़ित को अपना व्हाट्सएप नंबर साझा किया। काव्या ने खुद को क्रिप्टोकरेंसी से अच्छी कमाई करने वाला बताते हुए शंकर बोस को भी इसमें निवेश करने की सलाह दी।
इसके बाद काव्या ने पीड़ित की बात 'हर्षद करवा' नामक व्यक्ति से कराई, जिसने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का पूरा प्रस्ताव दिया। शुरुआत में पीड़ित से कमीशन के नाम पर छोटी रकमें जमा कराई गईं। 11 फरवरी से 25 फरवरी के बीच अलग-अलग व्यक्तियों के खातों में 10 हजार, 33 हजार, 88 हजार, 1 लाख, 69 हजार और 80 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद आरोपियों ने निवेश बढ़ाने और लाभ सुरक्षित करने का झांसा देकर लाखों रुपये जमा कराना शुरू कर दिया।
इसके बाद 2 मार्च को सिक्योरिटी वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़ित से दो बार में 1.50 लाख रुपये और 18 मार्च को 5 लाख रुपये जमा करवाए गए। बात यहीं नहीं रुकी, इसके बाद भी अलग-अलग खातों में 50 हजार, 1.50 लाख, 90 हजार, 12 हजार 320 और 24 हजार 786 रुपये जमा कराए गए।
जब शंकर बोस ने 26 मार्च के बाद अपने निवेश और मुनाफे की राशि निकालने की इच्छा जताई, तो आरोपियों ने निकासी पर रोक लगा दी। उन्होंने पीड़ित से कहा कि राशि प्राप्त करने के लिए और अतिरिक्त शुल्क जमा करना होगा। तब जाकर शंकर बोस को समझ आया कि वे साइबर ठगी के जाल में फंस चुके हैं।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने आरोपियों के झांसे में आकर बैंक से लोन (ऋण) लेकर यह रकम लगाई थी, जिससे अब उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। घर में उनकी बेटी हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित है, जबकि पत्नी का इलाज न्यूरोलॉजिस्ट की देखरेख में चल रहा है। इस ठगी के बाद पूरा परिवार गंभीर आर्थिक संकट में आ गया है।
केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के नाम पर रिटायर्ड व्याख्याता से 90 हजार की ठगी
चारधाम यात्रा और विशेष रूप से केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर टिकट बुक कराने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का एक और मामला रायपुर में दर्ज हुआ है। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी संदीप रावत और खिलाफ चौरश्या के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, सेवानिवृत्त व्याख्याता के. राजगोपाल ने अपने परिवार के साथ केदारनाथ यात्रा की योजना बनाई थी। यात्रा को सुगम बनाने के लिए उन्होंने इंटरनेट पर हेलीकॉप्टर सेवा से जुड़े मोबाइल नंबर की तलाश की और संपर्क किया। फोन रिसीव करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम 'संदीप रावत' बताया और खुद को एक सरकारी कर्मचारी बताते हुए टिकट बुकिंग के लिए रकम जमा करने को कहा।
संदीप रावत के झांसे में आकर पीड़ित ने 11 और 23 मार्च को दो किश्तों में कुल 90 हजार रुपये उसके द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। निर्धारित तिथि आने के बाद भी जब टिकट नहीं मिली, तो पीड़ित ने संपर्क किया। इस पर आरोपियों ने टिकट देने के एवज में बीमा और नाम परिवर्तन के नाम पर और अतिरिक्त राशि की मांग शुरू कर दी, जिसके बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज कराया।