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raipur cyber fraud echallan apk file
रायपुर। राजधानी रायपुर में ऑनलाइन ठगी का एक बेहद सनसनीखेज और नया मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला को ट्रैफिक पुलिस के नाम पर फर्जी ई-चालान का मैसेज भेजकर 3.67 लाख रुपए की चपत लगा दी गई। मैसेज के साथ आई एक खतरनाक 'APK फाइल' को डाउनलोड करते ही महिला का पूरा मोबाइल हैक हो गया और उनके दो बैंक खातों से अलग-अलग किश्तों में पूरी रकम पार हो गई।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रायपुर के मुकुट नगर की रहने वाली सीमा मांझी (56 वर्ष) के मोबाइल पर ट्रैफिक पुलिस के नाम से एक ई-चालान का मैसेज आया था। इस मैसेज में चालान क्लियर करने या देखने के बहाने एक APK फाइल अटैच थी। जैसे ही महिला ने उस फाइल को खोला, उनके मोबाइल का पूरा कंट्रोल ठगों के हाथ में चला गया।
इसके बाद ठगों ने महिला के दो अलग-अलग बैंक खातों में सेंध लगाई और किश्तों में कुल 3.67 लाख रुपए उड़ा दिए। जब मोबाइल पर लगातार ट्रांजेक्शन के मैसेज आने शुरू हुए, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने आनन-फानन में अपने बैंक खाते ब्लॉक करवाए और पुलिस में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
साइबर पुलिस के मुताबिक, ठग आजकल लोगों को डराने के लिए ट्रैफिक चालान का सहारा ले रहे हैं। सबसे पहले आपके पास एक मैसेज आएगा जो हूबहू आधिकारिक ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग जैसा दिखेगा। मैसेज में एक लिंक या फाइल होगी (जिसके आखिर में .apk लिखा होता है)। जैसे ही कोई इस फाइल को इंस्टॉल करता है, मोबाइल पूरी तरह हैक हो जाता है। ठग आपके मोबाइल की स्क्रीन, मैसेज और कॉल्स को रिमोटली देखने लगते हैं। इसके बाद जब वे आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो मोबाइल पर आने वाला ओटीपी (OTP) सीधे ठगों के पास पहुंच जाता है और आपको पता भी नहीं चलता।
रायपुर एएसपी संजय सिंह के अनुसार, शहर में ई-चालान के नाम पर यह फ्रॉड तेजी से फैल रहा है। चेतावनी के बावजूद अब तक 16 से ज्यादा लोग इस नए किस्म की ठगी का शिकार हो चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस जाल में फंसने वाले ज्यादातर लोग उच्च शिक्षित यानी पढ़े-लिखे हैं।
मुताबिक, अकेले रायपुर में पिछले साल 4 हजार से ज्यादा ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आए थे। इन सभी मामलों की शिकायत केंद्रीय साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से केवल 110 मामलों में ही एफआईआर (केस) दर्ज की जा सकी है।
बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से प्रेस नोट जारी कर जनता के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है।
व्हाट्सऐप, एसएमएस या किसी भी अन्य माध्यम से आने वाली अनजानी .apk फाइल को कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। छत्तीसगढ़ ट्रैफिक पुलिस या परिवहन विभाग कभी भी चालान के लिए सीधे कोई APK फाइल नहीं भेजता। अपना चालान हमेशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर जाकर ही चेक करें।
अगर आप किसी भी तरह की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर खाते फ्रीज करवाएं।