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छत्तीसगढ़ में शराब और कोल घोटाले की जांच के सिलसिले में EOW और ACB ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसियों की अलग-अलग टीमों ने रायपुर, भिलाई, बिलासपुर और राजनांदगांव में एक साथ कई कारोबारियों के घरों और व्यावसायिक ठिकानों पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान टीमों ने दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल उपकरणों की जांच शुरू की है।
राजधानी रायपुर में EOW की टीम शराब कारोबारी अनवर ढेबर के घर पहुंची। इसके अलावा VIP स्टेट स्थित रियल एस्टेट कारोबारी सुदर्शन शर्मा के निवास पर भी छापेमारी की गई। सुदर्शन शर्मा के ठिकाने पर कार्रवाई को शराब घोटाले की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है। राजधानी में तीन से चार स्थानों पर जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
राजनांदगांव में वैभव गोलछा और जय बग्गा के ठिकानों पर रेड
राजनांदगांव में रायपुर से पहुंची करीब 20 अधिकारियों की टीम ने दो कारोबारियों के घर और व्यावसायिक परिसरों में एक साथ छापेमारी की। EOW की एक टीम ने सनसिटी के बी-ब्लॉक स्थित कारोबारी वैभव गोलछा के मकान में दबिश दी। वहीं, दूसरी टीम ने लालबाग में कारोबारी जय बग्गा के घर और व्यावसायिक परिसर में जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि दोनों कारोबारी पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी हैं। जांच टीम उनके ठिकानों पर दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरणों की पड़ताल कर रही है।
भिलाई में ट्रांसपोर्टर के घर पहुंची टीम
भिलाई-3 के वसुंधरा नगर में ट्रांसपोर्टर जितेंद्र सिंह के निवास पर भी EOW और ACB की टीम ने शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे दबिश दी। यहां पांच से छह अधिकारी जांच में जुटे हुए हैं। टीम घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जांच कर रही है।
बिलासपुर में कोल कारोबारी शाजिद खान के यहां छापा
बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोल कारोबारी शाजिद खान के निवास पर भी EOW और ACB की टीम ने छापेमारी की। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कोल लेवी घोटाले से जुड़े मामले की जांच के तहत की जा रही है। टीम उनके घर और अन्य ठिकानों पर जांच कर रही है।
शराब और कोल घोटाले से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है। अलग-अलग शहरों में एक साथ दबिश देकर कारोबारियों के वित्तीय लेन-देन और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान अब तक क्या-क्या मिला है, इसे लेकर EOW और ACB की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की गई है। जांच पूरी होने के बाद ही कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।