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रायपुर। राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर माता सीता और हिंदू साधु-संतों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। मामले को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया और सिविल लाइन थाना पहुंचकर आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ नारेबाजी की। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
बजरंग दल का आरोप है कि इंस्टाग्राम आईडी "_wasim_ahmed_1" से माता सीता और हिंदू साधु-संतों के संबंध में कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। संगठन का दावा है कि यह अकाउंट रायपुर के राजा तालाब क्षेत्र निवासी वसीम अहमद का है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट या उसके संचालक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस तरह की सोशल मीडिया पोस्ट से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और ऐसे मामलों में त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई होना आवश्यक है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन से तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की।
बजरंग दल द्वारा प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।
इस मामले में छत्तीसगढ़ बजरंग दल के प्रांत सह-संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा कि हिंदू धर्म को लगातार निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत में रहकर हिंदू धर्म और उसके आराध्यों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करना निंदनीय है। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो बजरंग दल अपने स्तर पर आंदोलन की अगली रणनीति तय करेगा।
वहीं, रायपुर पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की तकनीकी जांच की जा रही है। संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट, पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, मामले में किसी की गिरफ्तारी या एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।