

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

raipur municipal corporation 100 crore scam 4 officers suspended
रायपुर नगर निगम में 100 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। निगम आयुक्त विश्वदीप ने जोन 10 के जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे समेत तीन इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड के बोरियाखुर्द और आसपास के इलाकों में अवैध प्लाटिंग और संदिग्ध तरीके से ले-आउट पास किए जाने से जुड़ा है।
बताया जा रहा है कि नगर निगम क्षेत्र में नियमों को दरकिनार कर कई अवैध कॉलोनियों को अनुमति दी गई, जिससे निगम को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। इस पूरे प्रकरण को लेकर लंबे समय से शिकायतें सामने आ रही थीं, जिसके बाद निगम प्रशासन ने जांच शुरू की थी।
विभागीय जांच के आदेश
निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के बाद चारों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी कराई जाएगी। जांच में दोष सिद्ध होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनकी वेतन वृद्धि पर भी रोक लगाई जा सकती है।
विपक्ष ने उठाए सवाल
नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि केवल निगम अधिकारियों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उन पर कार्रवाई कब होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के मामलों में बिचौलियों और दलालों की सक्रिय भूमिका रहती है, जिन पर भी सख्त कार्रवाई जरूरी है।
फाइलें गायब होने पर संदेह
पूर्व महापौर एजाज देबर ने मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि संबंधित ले-आउट फाइलें और दस्तावेजों का गायब होना साधारण लापरवाही नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि शासकीय रिकॉर्ड का इस तरह गायब होना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं पूरे मामले की सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई है।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।