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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर में एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गाजियाबाद निवासी अनिल कुमार, अजय तिवारी और रिंक सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी राशि दिलाने के नाम पर देशभर में ठगी करने का मामला है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने नोएडा के गौर सिटी मॉल में फर्जी कॉल सेंटर चलाकर करोड़ों रुपए की ठगी की। आरोपियों ने कॉल के दौरान पुरुष होते हुए भी 'वॉइस टेम्पर' सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर लड़की की आवाज में लोगों को अपने जाल में फंसाया।
रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों ने बताया कि इस मामले की शिकायत परमजीत सिंह चड्ढा ने मुजगहन थाना में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि नवंबर 2024 में उन्हें अनिरुद्ध चौधरी नामक व्यक्ति का फोन आया, जिसने कहा कि उनके नाम पर 98 लाख 64 हजार रुपए की बीमा पॉलिसी मैच्योर हो चुकी है। कॉल पर बात 'सरला आर्या' नाम की महिला कर्मी से कराई गई, जो वास्तव में आरोपी की आवाज बदलकर वार्तालाप कर रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने प्रोसेसिंग फीस, टैक्स और एनओसी के नाम पर कुल 9 लाख 60 हजार रुपए ठग लिए। पीड़ित जब बैंक में दस्तावेज़ों की जांच कराना चाहते तो पता चला कि आरबीआई के नाम पर सभी पेपर और डिमांड ड्राफ्ट फर्जी थे।
शिकायत के बाद रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और मुजगहन थाना की टीम दिल्ली पहुंची और तकनीकी जांच के बाद नोएडा के गौर सिटी मॉल स्थित ऑफिस में छापा मारा।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने पिछले 9 महीने से फर्जी कॉल सेंटर का संचालन किया। उनके कब्जे से फर्जी आईडी, सिम कार्ड, म्यूल अकाउंट, फर्जी लेटर हेड और डिमांड ड्राफ्ट जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से फाइल चार्ज भी वसूला गया।
रायपुर पुलिस उपायुक्त स्मृतिक राजनाला ने कहा कि आरोपी बहुत ही शातिर तरीके से अपनी पहचान छिपाकर वारदात कर रहे थे। इनके कब्जे से 3 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं और शुरुआती जांच में करोड़ों की ठगी के सबूत मिले हैं। पुलिस देश के अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी संपर्क कर रही है।