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रायपुर: रक्षाबंधन के पावन पर्व को देखते हुए रायपुर से मुंबई, दिल्ली, पटना और वाराणसी जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ बढ़ गई है। इन सभी प्रमुख मार्गों पर स्लीपर और एसी-3 टायर कोच में लंबी वेटिंग चल रही है, जिसके चलते यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
विभिन्न रूटों पर टिकटों की वर्तमान स्थिति:
वाराणसी रूट: इस रूट पर 53 तक की वेटिंग चल रही है। सारनाथ एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 8 और एसी-3 की 35 है। वहीं, गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस में स्लीपर 53 और एसी-3 में 11, जबकि दुर्ग-नौतनवा एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 44 और एसी-3 में 16 तक पहुंच गई है।
दिल्ली रूट: दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनों में भारी भीड़ है। गोंडवाना एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 53 और एसी-3 में 17 है। समता एक्सप्रेस में 26 और 16, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में 37 और 18, जबकि हमसफर एक्सप्रेस में स्लीपर 29 और एसी-3 में 21 वेटिंग चल रही है।
पटना रूट: पटना जाने वाली एकमात्र साउथ बिहार एक्सप्रेस में स्लीपर की वेटिंग 17 है, जबकि एसी-3 में टिकट आरएसी (RAC) तक पहुंच गया है। परिवार के साथ सफर करने वाले यात्रियों को कंफर्म बर्थ मिलने में खासी परेशानी हो रही है।
मुंबई रूट: गीतांजलि एक्सप्रेस में स्लीपर और एसी-3 में 12-12 वेटिंग है। हावड़ा मेल में 11 और 9, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में 16 और 10 वेटिंग है। गया-एलटीटी एक्सप्रेस में स्लीपर में 17 वेटिंग है, जबकि एसी-3 में टिकट 'रिग्रेट' (Regret) हो चुका है।
27 अक्टूबर तक ट्रेनें पैक: रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, आगामी 27 अक्टूबर तक सभी ट्रेनें पूरी तरह पैक चल रही हैं और मौजूदा वेटिंग टिकटों के भी कंफर्म होने की उम्मीद बेहद कम है।
यात्रियों का भारी दबाव: रायपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना 70 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। त्योहारी सीजन के चलते आवाजाही काफी बढ़ जाती है।
विशेष ट्रेनों का अभाव: रेलवे अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल इन रूटों पर अतिरिक्त कोच या स्पेशल ट्रेनें चलाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश नहीं आया है। इतना ही नहीं, रायपुर रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली इन रूटों की ट्रेनों में आगामी दशहरा और दीपावली के दौरान भी वेटिंग का यही दबाव देखने को मिलता है।
यात्रियों के लिए सलाह: यदि आप भी रक्षाबंधन या आने वाले त्योहारों पर इन रूटों पर सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो वैकल्पिक व्यवस्था या यात्रा के दूसरे माध्यमों पर विचार कर सकते हैं, क्योंकि नियमित ट्रेनों में सीटें मिलना फिलहाल लगभग असंभव है।