

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

rajnandgaon somani police minor girl assault ti suspended false pregnancy report
राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र से अमानवीयता और पुलिसिया बर्बरता का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। यह एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी को गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती बताकर पुलिस ने रातभर थाने में रखा और उसके साथ जमकर मारपीट की। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस प्रशासन ने निरीक्षक (थाना प्रभारी) अरुण कुमार नामदेव और एक महिला प्रधान आरक्षक जयश्री सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही, गलत रिपोर्ट देने के आरोप में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की मेडिकल अफसर डॉ. मौन्या साहू को भी पद से हटा दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा घटनाक्रम 25 मई से शुरू हुआ था। 25 मई को 14 वर्षीय किशोरी को पेट दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने उसे सोमनी अस्पताल (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में भर्ती कराया था। अस्पताल में की गई जांच के दौरान तीन बार की टेस्ट रिपोर्ट में किशोरी को 'प्रेग्नेंट' (गर्भवती) बताया गया। इस गलत रिपोर्ट के आधार पर पुलिस एक्शन में आई। हालांकि, जब चौथी बार राजनांदगांव जिला अस्पताल में दोबारा जांच कराई गई, तो रिपोर्ट पूरी तरह से 'नेगेटिव' आई।
परिजनों और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह से अमानवीय थी। किशोरी अपनी नानी के घर एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने गई थी। आरोप है कि रात करीब 10 बजे पुलिस उसे वहां से जबरन उठाकर थाने ले आई। परिजनों का कहना है कि किशोरी को पूरी रात थाने में रखा गया और सुबह 5 बजे तक उससे पूछताछ की गई। इस दौरान महिला कांस्टेबल और पुलिसकर्मियों पर अपराधियों जैसा व्यवहार करने, गाली-गलौज करने और किशोरी का गला दबाने तक के गंभीर आरोप लगे हैं। मारपीट के कारण किशोरी के गले में सूजन आ गई है और डरी-सहमी किशोरी ने दो दिनों से कुछ नहीं खाया है।
इस पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और घटिया किट की खरीदी भी उजागर हो रही है। बताया जा रहा है कि पिछले महीने ही जीवनदीप समिति की अनुशंसा पर एक ही कंपनी से दवा और टेस्ट किट खरीदी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि संबंधित फर्म से खरीदी गई प्रेग्नेंसी किट तकनीकी रूप से खराब या खामीयुक्त हो सकती है। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग लैब परीक्षण की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। सीएमएचओ (CMHO) डॉ. एनआर नवरतन ने बताया कि इस मामले की गहन जांच कराई जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजनांदगांव एसपी कीर्तन राठौर ने महिला आरक्षक और थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की जांच डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारी को सौंपी है। विभागीय और प्रशासनिक स्तर पर जांच जारी है। वहीं पीड़ित परिवार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी दंडात्मक कार्रवाई के लिए कलेक्टर और एसपी से गुहार लगाई है।