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रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3,200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने पूर्व प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। विशेष न्यायालय ने ईओडब्ल्यू की मांग स्वीकार करते हुए उन्हें 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इस दौरान एजेंसी शराब घोटाले के साथ-साथ कोल लेवी प्रकरण में सामने आए वित्तीय लेन-देन और अन्य तथ्यों को लेकर गहन पूछताछ करेगी।
ईओडब्ल्यू के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल बाद एजेंसी के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर पहले उन्हें कोल लेवी मामले में गिरफ्तार किया गया और अब शराब घोटाले में भी उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई है। इससे पहले भी वे कोल लेवी मामले में 9 दिन की पुलिस रिमांड पर रह चुके हैं।
मनी ट्रेल और वित्तीय लेन-देन की होगी जांच
जांच एजेंसी का कहना है कि रिमांड के दौरान कथित वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत, रकम के उपयोग, विभिन्न लोगों से संपर्क और दस्तावेजी साक्ष्यों के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। ईओडब्ल्यू बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर मनी ट्रेल की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
सूर्यकांत तिवारी की डायरी बनी जांच का आधार
ईओडब्ल्यू के मुताबिक, कोल लेवी मामले की जांच के दौरान कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की एंट्री मिली थी। एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह रकम किसके माध्यम से पहुंची, किसने प्राप्त की और उसका उपयोग किन उद्देश्यों के लिए किया गया।
अन्य मामलों की भी जांच जारी
ईओडब्ल्यू ने बताया कि शराब घोटाले में अनवर ढेबर और उसके सहयोगियों की कथित भूमिका की भी जांच जारी है। वहीं, कस्टम मिलिंग प्रकरण में रोशन चंद्राकर के जरिए करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
तीन बड़े मामलों की जांच
ईओडब्ल्यू के अनुसार—
शराब घोटाला: वर्ष 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब बिक्री व्यवस्था में कथित अनियमितताओं से जुड़ा मामला, जिसमें लगभग 3,200 करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन के आरोप हैं।
कोल लेवी मामला: लगभग 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली की जांच जारी है।
कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन मामला: करीब 127 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं की भी जांच की जा रही है।