

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

shankaracharya avimukteshwaranand statement on cow and conversion law chhattisgarh
रायपुर। तीन दिवसीय प्रवास पर छत्तीसगढ़ पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौधाम योजना और प्रस्तावित धर्मांतरण कानून को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। विमानतल पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पहले गौ माता का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए, उसके बाद अन्य योजनाओं पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में चलाई जा रही गौधाम योजना पशुपालन का हिस्सा है, लेकिन सरकार गौ को माता कहने से परहेज कर रही है। इस पर उन्होंने छत्तीसगढ़ी में कहा, “जेन सरकार गौ माई लमाई कहि के नई बलाय सकय, ओ सरकार ल हिंदू कहे बर मुस्किल हे।”
शंकराचार्य ने विधानसभा में प्रस्तावित धर्मांतरण विधेयक को लेकर कहा कि यदि इस पर कानून बनता है तो वे इसका खुले तौर पर स्वागत करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया जाता है तो “हम बाजा बजाकर उसका स्वागत करेंगे।”
चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते, लेकिन यह देखना जरूरी है कि कोई “गौ घाती सरकार” सत्ता में न आए। इसके लिए समाज को जागरूक होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली सरकार ने जो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट किया था, उसे वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार ने रद्द कर दिया।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तीन दिन तक छत्तीसगढ़ में रहेंगे। इस दौरान वे लक्षेश्वर धाम सलधा में निर्माणाधीन सवा लाख शिवलिंग मंदिर का निरीक्षण करेंगे और वहां कार्य कर रहे लोगों को मार्गदर्शन देंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वे 18 मार्च को वाराणसी के लिए प्रस्थान करेंगे।