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मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अब अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी युद्धविराम की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होती दिखाई दे रही है। शुक्रवार को ईरान की ओर से एक बड़ा सकारात्मक संकेत सामने आया, जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने घोषणा की कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोल दिया गया है। इस फैसले को क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
ईरान के इस ऐलान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए ‘थैंक्यू ईरान’ लिखा। हालांकि ट्रम्प ने यह भी साफ कर दिया कि अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने तक होर्मुज क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य निगरानी और सीमित नाकाबंदी जारी रहेगी, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति को रोका जा सके।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
होर्मुज जलडमरूमध्य खुलने का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद ब्रेंट क्रूड का दाम घटकर 88 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज मार्ग के सामान्य होने से वैश्विक सप्लाई चेन को राहत मिलेगी और ऊर्जा बाजार में स्थिरता लौट सकती है।
ईरान की जमी संपत्तियां हो सकती हैं जारी
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका होर्मुज मार्ग खोलने के बदले ईरान की विदेशों में फंसी करीब 2 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्तियां रिलीज करने पर विचार कर रहा है। शुरुआती चरण में अमेरिका और दक्षिण कोरिया में जमा ईरानी फंड को डीफ्रीज किए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इसके साथ ही खाड़ी क्षेत्र के पांच देशों से ईरान द्वारा युद्ध मुआवजे के रूप में मांगे गए लगभग 24 लाख करोड़ रुपये पर भी बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार इस वित्तीय समझौते को 22 अप्रैल तक अंतिम रूप दिया जा सकता है।
पाकिस्तान में हो सकती है ऐतिहासिक डील
सूत्र बताते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकते हैं। वहां के हाई सिक्योरिटी रेड जोन में वीआईपी स्तर की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अमेरिकी दूतावास में लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिनमें अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि शामिल हैं।
कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर बातचीत अंतिम चरण तक पहुंचती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प स्वयं भी इस समझौते के दौरान मौजूद रह सकते हैं। यह डील 22 अप्रैल से पहले होने की संभावना है, क्योंकि इसी दिन वर्तमान सीजफायर अवधि समाप्त हो रही है।
यूरेनियम पर सबसे कठिन बातचीत
बताया जा रहा है कि वार्ता में सबसे जटिल मुद्दा ईरान के परिष्कृत यूरेनियम भंडार का रहा। जानकारी के अनुसार ईरान लगभग 460 किलो संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपने पर सहमत हो सकता है। साथ ही ईरान अगले 5 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन रोकने के प्रस्ताव पर भी विचार कर रहा है।
यदि ऐसा होता है तो यह पश्चिम एशिया में परमाणु तनाव कम करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा।
मिसाइल कार्यक्रम पर सीमित सहमति
प्रस्तावित समझौते के अनुसार ईरान को 1500 किलोमीटर तक की शॉर्ट और मीडियम रेंज मिसाइलों के उत्पादन की अनुमति मिल सकती है। हालांकि 4500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) पर फिलहाल रोक लगाने की चर्चा है। इसके बदले ईरान पर लगे कई आर्थिक प्रतिबंधों में चरणबद्ध ढील दी जा सकती है।
लेबनान में भी राहत के संकेत
इसी बीच लेबनान में भी युद्धविराम के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं। इजराइल द्वारा हमले रोकने के बाद करीब 10 लाख विस्थापित लोग अपने घर लौटने लगे हैं। पिछले संघर्ष में 28 फरवरी से अब तक लगभग 2100 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने भी इस युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति की संभावना बढ़ेगी।
इस्फाहन में राष्ट्रपति की बाइक राइड चर्चा में
तनाव कम होने के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियान शुक्रवार को ईरान के परमाणु केंद्र माने जाने वाले इस्फाहन शहर में बाइक राइड करते नजर आए। राष्ट्रपति की यह सार्वजनिक मौजूदगी ईरान की ओर से सामान्य स्थिति का संदेश देने के तौर पर देखी जा रही है।
दुनिया की नजर 22 अप्रैल पर
अब पूरी दुनिया की नजर 22 अप्रैल पर टिकी है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौता पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा बदल सकता है। यदि यह डील सफल होती है, तो यह कई वर्षों से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों में एक नई शुरुआत साबित हो सकती है।