

Copyright © 2026 rights reserved by Inkquest Media
अन्य समाचार

west bengal tamil nadu record voter turnout assembly elections 2026
नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हुए विधानसभा चुनावों में गुरुवार को रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 16 जिलों की 152 सीटों पर 92.86 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85.14 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे आजादी के बाद भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत बताया।
चुनाव आयोग के अनुसार दोनों राज्यों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही, जिसे लोकतंत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में पिछले कई दशकों की तुलना में इस बार अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण मतदान हुआ और बड़े स्तर पर हिंसा की कोई घटना सामने नहीं आई। हालांकि कुछ स्थानों पर छिटपुट झड़पें, पथराव और हमले की घटनाएं जरूर हुईं।
पश्चिम बंगाल में भाजपा और अन्य दलों के उम्मीदवारों पर हमले की घटनाएं दर्ज की गईं, जबकि कुछ इलाकों में केंद्रीय बलों पर भी पथराव किया गया। इसके बावजूद मतदान केंद्रों पर लोगों का उत्साह देखने लायक रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि SIR प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था के कारण मतदाताओं में विश्वास बढ़ा, जिससे बड़ी संख्या में लोग मतदान के लिए घरों से निकले।
तमिलनाडु में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। करूर जिले में सबसे अधिक 91.86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और तिरुचिरापल्ली जैसे प्रमुख जिलों में भी अच्छी वोटिंग दर्ज की गई। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सीट कोलाथुर में भी भारी मतदान हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि रिकॉर्ड मतदान से दोनों राज्यों में सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि इतिहास बताता है कि जब-जब बड़े पैमाने पर मतदान हुआ है, तब-तब चुनावी नतीजों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।