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रायपुर: 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023' (महिला आरक्षण बिल) को लेकर जिले की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अलग-अलग प्रेस वार्ता कर एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। जहां भाजपा इसे महिलाओं के सशक्तिकरण का ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे लागू करने में हो रही देरी पर सवाल उठा रही है।
भाजपा द्वारा सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में विधायक लता उसेंडी ने कहा कि यह कानून महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर नकारात्मक राजनीति करने और कानून के क्रियान्वयन में बाधा डालने का आरोप लगाया।
भाजपा इस मुद्दे को जन-जन तक ले जाएगी। पार्टी ने 30 अप्रैल तक स्थानीय निकायों में कांग्रेस के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर राष्ट्रपति को भेजने की योजना बनाई है।
कांग्रेस का पलटवार: "भाजपा फैला रही है भ्रम" - डॉ. लक्ष्मी ध्रुव
कांग्रेस ने पलटवार करते हुए भाजपा पर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। पीसीसी प्रभारी डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की मंशा पर सवाल उठाए।
जब बिल संसद से पारित होकर कानून बन चुका है, तो इसे तुरंत लागू क्यों नहीं किया जा रहा? परिसीमन और जनगणना का इंतजार क्यों? कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर भ्रम फैलाकर अपने राजनीतिक स्वार्थ सिद्ध करना चाहती है। उन्होंने याद दिलाया कि पंचायतों और निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने में कांग्रेस की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।