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नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। लोकसभा में बिल गिरने के बाद भाजपा ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश भाजपा ने मंडल से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस के खिलाफ हल्लाबोल अभियान चलाने का फैसला किया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं को राजनीतिक नेतृत्व में आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते, इसलिए उन्होंने इस बिल का समर्थन नहीं किया।
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लता उसेंडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं को केवल वोट बैंक के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कांग्रेस नहीं चाहती कि महिलाएं निर्णय लेने वाली संस्थाओं तक पहुंचें। भाजपा अब आम लोगों के बीच जाकर यह बताने की तैयारी कर रही है कि विपक्ष ने महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर राजनीति की है।
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर झूठा भ्रम फैला रही है। उन्होंने दावा किया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह कानून बन चुका है। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन से जुड़े विवादित मुद्दों को आगे बढ़ाना चाहती है।
इधर भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदेशव्यापी जनआक्रोश अभियान की घोषणा की है। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी ने बताया कि 20 और 21 अप्रैल को प्रदेशभर में जनआक्रोश महिला पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इसके बाद 23 और 24 अप्रैल को महिला सम्मेलन आयोजित कर कांग्रेस के कथित महिला विरोधी रुख को जनता के सामने लाया जाएगा। रायपुर में 20 अप्रैल को दोपहर 3 बजे इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक पदयात्रा निकाली जाएगी।
प्रदेश के कई जिलों में भाजपा महिला मोर्चा ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। दुर्ग सहित कई स्थानों पर महिलाओं ने रैलियां निकालकर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। भाजपा ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर उसका आंदोलन और तेज होगा। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी 20 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों में प्रेस वार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट करने का ऐलान किया है। महिला आरक्षण के मुद्दे पर अब प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी संघर्ष और तेज होने के आसार हैं।